उत्तरकाशी में डोडीताल की ट्रैकिंग के दौरान माझी में छानियों में कैंपिंग करते पर्यटक।
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हिमाच्छादित डोडीताल के नैसर्गिक सौंदर्य को देखने के लिए महाराष्ट्र एवं देहरादून से पर्यटक पहुंचे। डोडीताल की सैर के बाद पर्यटक अगोड़ा में होम स्टे में ठहरे। जहां उन्होंने पारंपरिक व्यंजनों का भी भरपूर लुत्फ उठाया। पर्यटकों की आवाजाही से यहां कारोबारियों के चेहरे भी उठे हैं।
बर्फबारी के बाद चटक धूप के साथ खुशगवार हुए मौसम में जिले के हिमाच्छादित पर्यटन स्थलों का नैसर्गिक सौंदर्य निखर कर सामने आया है। ऐसे में पर्यटक प्रकृति का नजारा देखने के लिए इन पर्यटन स्थलों का रुख करने लगे हैं। महाराष्ट्र और देहरादून से आए पर्यटक समुद्र सतह से साढ़े तीन हजार मीटर ऊंचाई पर स्थित डोडीताल की सैर पर पहुंचे। अगोड़ा की एक्सप्लोर इन्फिनिटी ट्रैकिंग एजेंसी के माध्यम से यह पर्यटक अगोड़ा में होम स्टे में ठहरे। और यहां पारंपरिक व्यंजनों का लुत्फ लिया। अगोड़ा से आगे बर्फ से ढके ट्रैक को पार कर यह पर्यटक माझी पहुंचे। यहां ग्रामीणों की छानियों में रात्रि विश्राम कर वे ग्रामीण जनजीवन से रूबरू हुए। पर्यटकों ने दो दिनों तक डोडीताल में डेरा डालकर यहां प्रकृति का नजारा करने के साथ ही क्षेत्र की जैव विविधता के बारे में जानकारी हासिल की। इन पर्यटकों के गाइड प्रवीण रावत ने बताया कि बेबरा से आगे ट्रैक बर्फ से ढका हुआ है। डोडीताल में भी करीब डेढ़ से दो फीट बर्फ जमा है। झील का बड़ा हिस्सा ठंड के कारण जम गया है। अगोड़ा में होम स्टे चला रहे राजेश पंवार ने बताया कि यहां रोजाना पर्यटक पहुंच रहे हैं। सिद्धार्थ, नयना, उमा, विनोद, बनी आदि पर्यटक यहां के प्राकृतिक सौंदर्य से अभिभूत नजर आए।