मैदानी इलाकों में गर्मी बढ़ने और आजकल छुट्टियों के चलते बड़ी संख्या में पर्यटक गंगोत्री धाम का रुख कर रहे हैं। इनमें योग एवं आध्यात्म से आकर्षित विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। यात्रा सीजन शुरू होने से दो माह पहले ही पर्यटकों की आवाजाही पर्यटन व्यवसाय के लिए शुभ संकेत दे रही है, लेकिन अभी तक तीर्थधाम एवं यात्रा पड़ावों पर मूलभूत सुविधाएं बहाल नहीं होने से दिक्कतें बनी हुई हैं।
इस बार सर्दियों में अपेक्षित बर्फबारी नहीं होने के कारण समय से पहले ही गर्मी का सीजन शुरू हो गया है। चार धाम यात्रा अभी नौ मई से शुरू होनी है, लेकिन मार्च माह से ही बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक गंगोत्री धाम सहित जिले के अन्य पर्यटन स्थलों का रुख करने लगे हैं।
रोजाना करीब सौ पर्यटक गंगोत्री तक पहुंच रहे हैं। पर्यटकों की आवाजाही शुरू होने से पर्यटन व्यवसायियों के चेहरे खिले हुए हैं, लेकिन अभी तक बिजली, पानी, दूरसंचार आदि जरूरी सुविधाएं बहाल नहीं होने से वे खिन्न हैं।
धराली निवासी संजय पंवार, महेश आदि होटल व्यवसायियों का कहना है कि पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं होने के कारण वे पर्यटकों को होटलों में नहीं ठहरा पा रहे। गंगोत्री में बिजली, पानी, दूरसंचार व्यवस्था अभी तक चालू नहीं हुई है। यहां पहुंच रहे पर्यटकों को एक कप चाय तक नसीब नहीं हो रही। मंदिर समिति के धूने में रह रहा संन्यासी ही पर्यटकों की थोड़ी आवभगत कर पा रहा है।
मूलभूत सुविधाएं बहाल करे सरकार
योग अभ्यास के लिए नेताला उत्तरकाशी में डेरा डाले जर्मनी के पर्यटकों को गंगोत्री लेकर पहुंचे राजेश सेमवाल बताते हैं कि गंगोत्री धाम में फिलहाल कोई होटल-ढाबा नहीं खुला है। सरकार यदि अभी से पानी, बिजली और दूरसंचार सुविधा बहाल कर दे, तो पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
व्यवस्थाएं हों तो आएंगे पर्यटक
गंगोत्री पहुंचे चुरू राजस्थान के अजय गुप्ता, बड़ोदा निवासी हेमंत भाई आदि पर्यटकों का कहना है कि इस मौसम में गंगोत्री धाम का नजारा देखने लायक है। गंगोत्री तक रास्ता खुला होने की सूचना पर ही यहां आए थे। यहां पर्यटकों के ठहराव एवं भोजन पानी की कोई व्यवस्था नहीं होने से हैरानी हुई।