यमुनोत्री विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ नामांकन करने वाले और असंतुष्ट भाजपा के बागियों को पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और टिहरी सांसद माला राजलक्ष्मी शाह भी नहीं मना पाए। भाजपा के दोनो वरिष्ठ नेताओं ने नाराज चल रहे बागियों से अगल-अलग करके काफी देर बातचीत की लेकिन बागी अपने फैसले पर डटे रहे।
मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद डा. रमेश पोखरियाल निशंक और टिहरी सांसद माला राजलक्ष्मी शाह बड़कोट पहुंचे। यमुनोत्री सीट पर टिकट न मिलने से नाराज चल रहे गजेंद्र राणा और इंजीनियर रमेश रावत ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन करवाया है। जबकि 2012 में भाजपा के प्रत्याशी रहे जगवीर भंडारी भी इस समय टिकट न मिलने से नाराज चल रहे हैं।
इस बार उन्हें टिकट का प्रबल दावेदार भी माना जा रहा था। ऐसे में तीनों को डा. रमेश पोखरियाल निशंक व टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह ने अलग-अलग करके पद का लालीपॉप भी दिया। दोनों सांसदों ने तीनों नेताओं के गले में फूल-माला डालकर भाजपा के लिए काम करने की अपील की। डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने जा रही है।
टिकट की दौड़ में रहे सभी लोगों का पार्टी सम्मान करती है, लेकिन काफी देर तक समझाने बुझाने के बावजूद बागी नहीं माने। जगवीर भंडारी ने साफ तौर पर कहा कि वह भाजपा के लिए काम नहीं करेंगे। वहीं रमेश रावत व गजेंद्र सिंह राणा ने भी पार्टी से किनारा करते हुए चुनाव लड़ने की बात कही।
उन्होंने कहा कि भाजपा की करनी और कथनी को वे जनता तक पहुंचायेंगे। इससे पहले बागियों को मनाने में भाजपा के दोनो सांसदों के साथ जिलाध्यक्ष रमेश चौहान, रामसुंदर नौटियाल, मनवीर चौहान, प्रताप रावत, जय प्रकाश बहुगुणा आदि शामिल रहे।