नेहरू पर्वतारोहण संस्थान में चल रहे बेसिक एवं सर्च एंड रेस्क्यू कोर्स के प्रशिक्षुओं को तेखला में रॉक क्लाइंबिंग के गुर सिखाए गए। अब उन्हें द्रौपदी का डांडा बेस कैंप पर आइस क्लाइंबिंग तथा खोज एवं बचाव का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में आठ विदेशियों समेत देश के विभिन्न प्रांतों से कुल 133 प्रशिक्षु शामिल हैं।
निम के कोर्सेस के प्रति युवाओं में आकर्षण बढ़ता जा रहा है। संस्थान से अब तक 27 हजार से ज्यादा लोग पर्वतारोहण प्रशिक्षण पा चुके हैं। बीते हफ्ते यहां मानसून पूर्व के पर्वतारोहण प्रशिक्षण कोर्स शुरू हुए।
241वें बेसिक और 28वें सर्च एंड रेस्क्यू कोर्स में 133 प्रशिक्षु प्रतिभाग कर रहे हैं। इनमें आठ विदेशी प्रशिक्षु भी शामिल हैं। निम परिसर में आर्टिफिशियल वॉल क्लाइंबिंग के साथ ही उन्हें तेखला में प्राकृतिक चट्टानों पर क्लाइंबिंग के गुर सिखाए जा रहे हैं।
निम के प्रधानाचार्य कर्नल अजय कोठियाल ने बताया कि यहां संचालित बेसिक, एडवांस, सर्च एंड रेस्क्यू, मैथड ऑफ इंस्ट्रक्शन आदि कोर्सेस के लिए दो साल तक की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। आपदा प्रबंधन के लिहाज से निम का सर्च एंड रेस्क्यू कोर्स काफी महत्वपूर्ण है।
अब कोर्स में शामिल प्रशिक्षुओं को द्रौपदी का डांडा क्षेत्र में आइस क्लाइंबिंग तथा खोज एवं बचाव के गुर सिखाए जाएंगे। उन्होंने प्रशिक्षकों को कोर्स से संबंधित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।