जिला पंचायत कार्यालय में दस्तावेजों को खंगालते सीडीओ एवं अन्य अधिकारी।
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जिला पंचायत उत्तरकाशी अब वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर चर्चाओं में है। मुख्यमंत्री की ओर से जांच के आदेश दिए जाने के बाद डीएम के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी और वरिष्ठ कोषाधिकारी ने जिला पंचायत दफ्तर पहुंचकर दस्तावेज खंगाले। विस्तृत जांच करने में अभी तीन से चार दिन और लगेंगे।
मोरी क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह रावत ने बीते एक नवंबर को मुख्यमंत्री को सौंपे शिकायती पत्र में जिला पंचायत अध्यक्ष पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी, जिस पर मुख्यमंत्री ने गढ़वाल कमिश्नर को एक पखवाड़े के भीतर जांच कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद गढ़वाल कमिश्नर रविनाथ रमन ने बीते 10 नवंबर को डीएम उत्तरकाशी को मामले की जांच कराकर एक हफ्ते के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा। इस पर डीएम मयूर दीक्षित ने सीडीओ और वरिष्ठ कोषाधिकारी को जांच के आदेश दिए। बीते 18 नवंबर को जांच टीम जिला पंचायत दफ्तर पहुंची, लेकिन यहां किसी सक्षम अधिकारी के मौजूद नहीं होने पर उन्होंने अकाउंट सेक्शन को सीज कर दिया। वित्तीय गड़बड़ी के आरोप और इसकी जांच की भनक लगते ही जिला पंचायत में हड़कंप मच गया है। बृहस्पतिवार सुबह एक बार फिर जांच टीम जिला पंचायत कार्यालय पहुंची। अपर मुख्य अधिकारी की मौजूदगी में अकाउंट सेक्शन खुलवाकर दस्तावेजों की जांच शुरू की गई। सीडीओ पीसी डंडरियाल और वरिष्ठ कोषाधिकारी बालक राम द्वारा जिला पंचायत के तमाम वित्तीय एवं निर्माण संबंधी दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। सीडीओ डंडरियाल ने कहा कि विस्तृत जांच करने में अभी तीन-चार दिन लगेंगे। उसके बाद ही वित्तीय गड़बड़ी के संबंध में कुछ कहा जा सकता है।