बोले, यात्रा को रह गया है अब बस एक माह, प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
उत्तरकाशी। गंगोत्री धाम में आठ माह बाद भी गंगा स्नान घाटों का निर्माण शुरू नहीं होने के पुरोहित सभा के पदाधिकारियों ने नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि शायद प्रशासन चारधाम यात्रा में किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है। वहीं अब चारधाम यात्रा शुरू होने में मात्र एक माह का समय ही रह गया है।
गंगोत्री पुरोहित सभा के अध्यक्ष संजीव सेमवाल, राजेश सेमवाल ने कहा कि गत वर्ष मानसून सीजन में भागीरथी नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण गंगा घाट जलमग्न हो गए थे। इससे वहां पर घाटों को नुकसान होने के कारण वह आज भी क्षतिग्रस्त स्थिति में पड़े हैं। उन्होंने कहा कि एक माह बाद गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का आगाज हो जाएगा।
इसमें लाखों यात्री धाम में पहुंचकर गंगा स्नान का पुण्य प्राप्त करते हैं, लेकिन अभी तक क्षतिग्रस्त घाटों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। इस लापरवाही से कभी भी गंगा स्नान घाटों पर बड़ी दुर्घटना हो सकती है। अब गर्मी सीजन आने के बाद भागीरथी नदी का जलस्तर बढ़ने लगता है। उन्होंने कहा कि शायद शासन-प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है।
वहीं पुरोहित सभा के पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार की ओर से यात्रियों की सीमित संख्या करने का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के लिए अभी तक धामों में मूलभूत सुविधाएं नहीं जुटाई गई है। इससे यात्रा पर बुरा असर पड़ सकता है। सिंचाई विभाग के ईई सचिन सिंघल ने कहा कि एक दो दिन में नमामी गंगे की टीम गंगोत्री धाम में निरीक्षण करेगी। उसके बाद भी घाट निर्माण पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।