जिला पंचायत की ओर से आयोजित पौराणिक माघ मेले के दौरान चार दिन बारिश से कारोबार प्रभावित होने और अब जनता की मांग को देखते हुए पालिका बाड़ाहाट ने मेले की अवधि चार दिन और बढ़ाने का निर्णय लिया है। वहीं इससे गुस्साए स्थानीय व्यापारियों ने मेला प्रांगण के गेटों पर ताले जड़ दिया। हालांकि बाद में लोगों के दबाव में व्यापारियों को गेट के ताले खोलने पड़े। वहीं व्यापारियों की मांग पर पुलिस ने मेला व्यापारियों को दुकानें खाली करने का नोटिस थमा दिया है।
बीते सालों में 14 से 21 जनवरी तक होने वाला पौराणिक माघ मेला इस बार 22 जनवरी तक आयोजित किया गया। बुधवार को जिला पंचायत ने माघ मेला मंच पर इसका विधिवत समापन कर दिया। बृहस्पतिवार को भी मेला परिसर में सजी दुकानों से सामान खरीद के लिए भारी भीड़ उमड़ी। मेला कारोबारियों ने इस बार मेला अवधि में 4-5 दिन खराब मौसम के चलते कारोबार प्रभावित होने की बात कहते हुए पालिका से मेले की अवधि बढ़ाने की मांग की, जिस पर पालिका बोर्ड में प्रस्ताव पारित कर मेले की अवधि चार दिन बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
मेले के अवधि बढ़ाए जाने पर व्यापारियों ने आपत्ति जताई है। व्यापार मंडल पदाधिकारियों के नेतृत्व में स्थानीय व्यापारियों ने मेला परिसर में सजी दुकानें तत्काल हटाने की मांग की। विरोध स्वरूप उन्होंने मेला प्रांगण के गेटों पर तालाबंदी भी की, जिससे विवाद खड़ा हो गया। जन दबाव पर गेटों के ताले खोलने पड़े। हालांकि व्यापारियों की मांग को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मेला व्यापारियों को दुकानें खाली करने के नोटिस थमाने के साथ ही यहां संचालित झूला-चर्खी आदि मनोरंजक स्टाल बंद करा दिए।
बॉक्स के लिए।
नियमानुसार समापन होने के बाद बंद की जाएं मेले की दुकानें
नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष रमेश चौहान, महामंत्री मनमोहन थलवाल, कोषाध्यक्ष मान सिंह गुसाईं आदि व्यापारियों का कहना है कि मेला कारोबारी बिना टैक्स दिए निम्न गुणवत्ता का सामान सस्ती दरों पर बेच रहे हैं, जिसका खामियाजा भारी भरकम टैक्स देने और महंगे किराए पर स्थायी दुकानें खोलकर बैठे व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। मेले का समापन होने के बाद नियमानुसार मेले की दुकानें हटाई जानी चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन के साथ ही पालिका से मेले में सजी दुकानें शीघ्र हटाने की मांग की।
इस बार बारिश के कारण मेला कारोबार प्रभावित होने से बाहर से आए व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है, जबकि मेले में सस्ती दरों पर सामान की खरीद से जिले की गरीब जनता को भी फायदा मिल रहा है। मेले से अधिसंख्य स्थानीय व्यापारियों को भी फायदा मिल रहा है। ऐसे में पालिका बोर्ड ने मेले की अवधि चार दिन बढ़ाने का निर्णय लिया है। इससे पालिका को भी राजस्व की प्राप्ति होगी।
रमेश सेमवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका बाड़ाहाट।