रवांई घाटी विकास पुरूष दौलत राम रवांल्टा को याद करते हुए अपने आधे घंटे के संबोधन में उन्होंने कहा कि कृषि और बागवानी के क्षेत्र में रवांईघाटी प्रदेश का नेतृत्व कर रही है। यहां के लोग जिस दिन खेती करना छोड़ेंगे तरक्की नहीं कर पाएंगे। हमारी सरकार खेती को बहुआयामी बनाने जा रही है। इसलिए खेती को छोड़ चुके लोग फिर से खेती करना शुरू करें।
काश्तकारों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार ने माल्टा, गलगल और नाशपाती के लिए न्यूनतम खरीद मूल्य निर्धारित किया है। आज हमने अपनी पत्थर और लकड़ी के शिल्प को खो दिया है। अपने पहाड़ी व्यंजनों को भूला दिया है। इसलिए दोबारा से अपनी कला को अपनायें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा पर सबसे ज्यादा खर्च कर रही है। 2017 तक प्रदेश में महाविद्यालयों की संख्या 100 से ज्यादा हो जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इंजीनियरिंग, नर्सिंग व मेडिकल कॉलेज इतने खोल दिये गये हैं कि आंकलन करें तो बीस हजार की जनसंख्या पर औसतन एक तकनीकी कॉलेज खुल चुका है। दुर्भाग्यवश अब छात्र नहीं मिल पा रहे हैं।
उन्होंने हर थाने में एक महिला सब इंसपेक्टर की तैनाती की बात कही और कहा कि यदि 2017 में मेरी सरकार आई तो कई विभागों में लड़कियां दिखेंगी। कार्यक्रम को विधायक माल चंद, जिला पंचायत अध्यक्ष जशोदा राणा, ब्लॉक प्रमुख रचना बहुगुणा, विमला रावत, सकल चंद रावत, केदार सिंह रावत, राजेश जुवांठा, सुखदेव रावत, अतोल रावत, राजेंद्र राणा, रणबीर रावत, चमन चौहान, प्रकाश असवाल, आदि लोगों ने संबोधित किया।