तीस जून को गर्भगृह से बाहर निकले थे रुद्रेश्वर महादेव
नौगांव (उत्तरकाशी)। रवांई घाटी के 65 गांव की प्रसिद्ध डांडा देवराना की जातर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने देवराना पहुंच कर रुद्रेश्वर महाराज के दर्शन कर मन्नतें मांगी। आषाढ़ माह में देवराना में रुद्रेश्वर देवता के नाम की डांडा देवराना की जातर मनाई जाती है। इसमें रंवाई घाटी सहित कमल सेराईं, जौनसार और टिहरी गढ़वाल के दसगी बणगांव से श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवराना राजकीय मेले में शामिल हुए।
रुद्रेश्वर महादेव तीस जून को गर्भगृह से बाहर निकले थे। बुधवार को देव डोली ढोल बाजों के साथ देवराना पहुंची। वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य देव को श्रीफल चुनरी और हरियाली भेंट कर मन्नतें मांगी। शाम पौने चार बजे मंदिर समिति की ओर से देवता के पश्वा अमन सेमवाल को मंदिर के ऊपर बने लकड़ी के शेर पर बैठाया गया।
उन्होंने महादेव की मूर्ति को दूध का अभिषेक करवा कर तीन बार श्रद्धालुओं को दर्शन करवाए और सभी को सुख समृद्धि का आशीर्वाद दिया। देवराना मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने देव डोली के साथ तांदी नृत्य कर मेले का लुप्त उठाया। इस मौके पर केंद्रीय समिति के अध्यक्ष जगमोहन परमार, विधायक दुर्गेश्वर लाल, फुलक सिंह, जयेंद्र सिंह राणा, प्रेम सिंह, श्रीचंद राणा, विजय सिंह, डॉ. विरेंद्र चंद, देव माली अमित नौटियाल, संकित थपलियाल आदि मौजूद रहे।