पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आपदा प्रभावित धराली के ग्रामीणों से की मुलाकात
उत्तरकाशी। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आपदा प्रभावित धराली में आपदा प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वर्ष 2012-13 की आपदा के बाद उनकी सरकार के आपदा से निपटने और प्रभावितों को राहत देने के लिए एक सशक्त मॉडल का निर्माण कार्य किया गया था। इसलिए इस सरकार को भी उस मॉडल से सीखकर उसे अपनाना चाहिए।
बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जनपद के आपदा प्रभावित धराली गांव पहुंचे। वहां पर उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात की। वहां पर उन्होंने स्थिति के बारे में स्थानीय लोगों से जानकारी ली। ग्रामीणों ने कहा कि अभी तक उनके व्यवसायिक नुकसान का मुआवजा नहीं मिल पाया है। साथ ही शासन की ओर से दोबारा किसी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया।
हरीश रावत ने कहा कि ग्रामीणों से मिली जानकारी को बिंदुवार नोट किया गया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री के सामने सभी समस्याओं को रखा जाएगा। कहा कि वर्तमान में ग्रामीण चाहते हैं कि पुराने एलाइमेंट पर ही गंगोत्री हाईवे का निर्माण किया जाए। क्योंकि मलबे में अभी भी उनकी संपत्ति दबी हुई है। रावत ने कहा कि उनकी सरकार ने भी वर्ष 2013 की आपदा में लोगों को राहत दी थी। उस समय पूरे प्रदेश में आपदाओं के कारण लोग बिखर चुके थे लेकिन उसके बावजूद आपदा प्रभावित क्षेत्रों को दोबारा बसाने के लिए मॉडल तैयार कर कवायद की गई थी। इस मौके पर जिलाध्यक्ष प्रदीप रावत, विजेंद्र नौटियाल, मनीष राणा, कमल रावत, दिनेश रावत, सूर्यबल्लभ नौटियाल, प्रदीप भट्ट, सुधीश पंवार आदि मौजूद रहे।