जनपद के आपदाग्रस्त क्षेत्रों के भूगर्भीय सर्वेक्षण के लिए विशेषज्ञों का दो सदस्यीय दल शुक्रवार को जनपद मुख्यालय पहुंचेगा। क्षेत्रों का अध्ययन कर दल रिपोर्ट शासन को भेजेगा। बीते 21 जुलाई को आपदाग्रस्त क्षेत्रों के स्थलीय निरीक्षण के लिए पहुंचे सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भूगर्भीय सर्वेक्षण के निर्देश दिए थे।
आपदाग्रस्त क्षेत्रों के भूगर्भीय सर्वेक्षण के लिए शासन की ओर से दो सदस्यीय दल का गठन किया गया है। दल में भूवैज्ञानिक जीवीआरजी अर्चायूलू और स्लोप स्टेबलाइजेशन एक्सपर्ट डा. मनीष सेमवाल को शामिल किया गया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि 18 जुलाई को आपदा से प्रभावित गांव मांडो, सिरोर, निराकोट, कंकराड़ी क्षेत्र के ग्रामीणों ने विस्थापन की मांग की थी। साथ ही ग्रामीणों ने क्षेत्र का भूगर्भीय सर्वेक्षण कराए जाने की मांग भी की थी। डीएम ने बताया कि शासन की ओर से भू-वैज्ञानिकों का दो सदस्यीय दल भूसर्वेक्षण के लिए भेजा जा रहा है। दल के सदस्य जीवीआरजी अर्चायूलू व डा. मनीष सेमवाल ने बताया कि वह शुक्रवार शाम तक जिला मुख्यालय पहुंचेंगे। शनिवार से सर्वेक्षण का कार्य शुरू किया जाएगा। दल के सदस्यों ने बताया कि वह यह भूस्खलन के कारणों, बचाव के उपाय के साथ ही विस्थापन के बारे में भी सुझाव देंगे। दल के सदस्य अपनी रिपोर्ट शासन को भेजेंगे।