गणेशपुर में शराब गोदाम का विरोध अभी थमा ही था कि पास के नेताला गांव में बीयर बार खोलने की तैयारियों ने एक बार फिर ग्रामीणों को आक्रोशित कर दिया है।
गांव की महिलाओं के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बीयर की दुकान का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने नेताला में बीयर या शराब की दुकान खुलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
जिले में जगह-जगह शराब की दुकान एवं गोदाम के विरोध में आंदोलन चले। इसके बावजूद शराब कारोबारी सबक लेने को राजी नहीं हैं।
अब एक बीयर कारोबारी ने गंगोत्री यात्रा के प्रमुख पड़ाव नेताला में बीयर की दुकान खोलने की तैयारी शुरू कर दी। इसकी भनक लगते ही गांव की महिलाओं ने नेताला बाजार में घूम कर सभी भवन स्वामियों को आगाह कर दिया कि किसी भी सूरत में बीयर बार को नहीं खुलने दिया जाएगा।
मंगलवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने नेताला में बीयर अथवा शराब की दुकान का पुरजोर विरोध करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।
ग्रामीणों का कहना है कि गंगोत्री धाम की यात्रा के इस प्रमुख पड़ाव पर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु ठहरते हैं। यहां बीयर या शराब की दुकान खुलने से गलत संदेश जाएगा और गांव का माहौल भी खराब होगा।
उन्होंने डीएम से नेताला में इस तरह की अनुमति नहीं देने की मांग की। ज्ञापन पर प्रधान जगदंबा प्रसाद सेमवाल, गंगा प्रसाद, कामेश्वर कुड़ियाल, दीपक भट्ट, अमिता चौहान, जशोदा पंवार, महावीर राणा, धनपाल पंवार, धीरज सेमवाल, बिंदेश कुड़ियाल, केसी कुड़ियाल आदि के हस्ताक्षर हैं।
आबकारी नीति के तहत उत्तराखंड में बीयर फैक्ट्री चलाने वाले कारोबारी को हर जिले में एक आउटलेट खोलने की अनुमति है। संभव है कारोबारी ने उसके लिए नेताला में जगह चिह्नित की हो।
फिलहाल हमें इसकी सूचना नहीं मिली है। ग्रामीणों का विरोध है तो वहां बीयर की दुकान नहीं खुलेगी।
राजेंद्र लाल, जिला आबकारी अधिकारी उत्तरकाशी।