उत्तरकाशी। राज्य आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण से संबंधित जारी शासनादेश को लागू करने की मांग को लेकर गीता गैरोला कलेक्ट्रेट परिसर में एक दिवसीय धरने पर बैठीं। इस दौरान उन्होंने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर शासनादेश का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की।
मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में न्यू लदाड़ी निवासी गीता गैरोला ने कहा कि नवंबर 2025 में राज्य सरकार की ओर से जारी चार बिंदुओं वाले शासनादेश में संस्थाओं के माध्यम से व जिलाधिकारी के विवेकाधिकार के तहत अन्य अभिलेखों के आधार पर राज्य आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण का प्रावधान किया गया है। बावजूद इसके प्रशासन स्तर पर शासनादेश का पालन नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि छूटे हुए आंदोलनकारियों के पक्ष में कई बार सत्यापन हो चुका है और विभिन्न संस्थाओं के लिखित प्रमाण भी उपलब्ध हैं। फिर भी उन्हें चिह्नित नहीं किया जा रहा। उनका कहना है कि प्रशासन अब भी गोलीकांड, जेल यात्रा जैसे पुराने मानकों पर ही जोर दे रहा है जबकि नए शासनादेश में साफ तौर पर प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसी मांग को लेकर उन्होंने कलेक्ट्रेट में धरना दिया है। संवाद