जिले में युवा पीढ़ी तेजी से स्मैक और चरस के नशे का शिकार हो रही है। नशीले पदार्थों की तस्करी के आए दिन सामने आ रहे मामले इसकी तस्दीक कर रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो दो महीने में पुलिस ने नशे की तस्करी के नौ मामले पकड़े हैं, जिसमें कुल 57 ग्राम स्मैक और चार किलो से ज्यादा चरस पकड़ी गई है।
पहले शराब और अब चरस व स्मैक का नशा जिले में तेजी से पैर पसार रहा है। पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान छेड़ा हुआ है। जिला मुख्यालय में ही नदी किनारे कई ठिकानों पर बड़ी संख्या में युवाओं को नशे का सेवन करते देखा जा सकता है। पुलिस के अधिकारी सहारनपुर, बरेली व हरिद्वार आदि बड़े शहरों से जिले में नशे का कारोबार संचालित होने की बात स्वीकारते हैं, लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ केवल छोटे ड्रग पैडलरों तक ही पहुंचे हैं। जो स्मैक व चरस आदि का खुद सेवन करने के साथ इसे बेचकर मुनाफा कमाने के मकसद से यहां पहुंचे थे। एसपी मणिकांत मिश्रा का कहना है कि जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है। नशा उन्मूलन के लिए जनता का जागरूक होना जरूरी है। जन सहयोग से ही नशा कारोबार को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है।