उत्तरकाशी में रामलीला का मंचन करते कलाकार।
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‘जो मिले वर सांवरा तो प्राण प्यारा मिल गया, हे मेरी प्यारी सखी दिल देख मेरा हिल गया’... पुष्प वाटिका में श्रीराम को देखकर मोहित हुई सीता रागनी की इन पंक्तियों से सखियों को अपने दिल की बात बताती है। इसके बाद धनुष खंडन और परशुराम-लक्ष्मण संवाद का दृश्य दर्शकों को खूब भाया।
आदर्श रामलीला समिति की ओर से आयोजित श्रीराम लीला मंचन के तीेसरे दिन पुष्प वाटिका में गौरी पूजन, धनुष खंडन एवं परशुराम-लक्ष्मण संवाद दृश्य का मंचन हुआ। धनुष खंडन में पहुंचे विभिन्न देशों के राजा-महाराजों ने अपनी हास्य कला से दर्शकों को खूब गुदगुदाया।
सीता की भूमिका निभा रही गंगा डोगरा, राम नरेंद्र राणा, लक्ष्मण राजाराम भट्ट, जनक शंभू प्रसाद भट्ट, परशुराम अमरपाल रमोला, गोरी संगीता चौहान, सखी अंजली मिश्रा, बीना रावत, रावण अजय पंवार के बेहतर अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा। इस मौके पर केशर सिंह सजवाण, शीशपाल सिंह, रुकम चंद रमोला, आनंद मणी सेमवाल, प्रताप रावत आदि मौजूद थे। मंच का संचालन जयेंद्र पंवार ने किया।