राज्य सरकार की महत्वकांक्षी मेरा बुजुर्ग, मेरा तीर्थ योजना जिले में प्रचार-प्रसार के अभाव में दम तोड़ रही है। इसका अंदाजा योजना के तहत गंगोत्री धाम यात्रा पर गए बुजुर्ग यात्रियों की संख्या से लगाया जा सकता है। पिछलेे तीन सालों में योजना के तहत महज 10 बुजुर्ग यात्री ही गंगोत्री धाम गए।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2014 में मेरा बुजुर्ग, मेरा तीर्थ योजना के तहत बुजुर्गों को निशुल्क चारधाम यात्रा की सौगात दी थी। योजना के तहत बुजुर्ग बदरीनाथ और गंगोत्री धाम की यात्रा कर सकते हैं, लेकिन जिले में योजना को लेकर बुजुर्गों को कोई खास उत्साह नजर नहीं आता। नतीजन गंगोत्री धाम में इन तीन सालों में महज 10 बुजुर्ग यात्री ही पहुंचे। हालांकि बदरीनाथ धाम की यात्रा को लेकर बुजुर्गों में थोड़ा उत्साह जरूर देखने को मिला। यही वजह है कि योजना के तहत 1072 बुजुर्ग बदरीनाथ धाम की यात्रा पर निकले।
साल 2015 में सर्वाधिक 819 बुजुर्गों ने बदरीनाथ धाम के दर्शन किए, जबकि 2014 में 181 व 2016 में महज 72 बुजुर्ग यात्री बदरीनाथ धाम गए। गंगोत्री धाम में 2014 व 2016 में योजना के तहत कोई बुजुर्ग यात्री नहीं पहुंचे। इस संबंध डीएम दीपेंद्र चौधरी का कहना है कि योजना के प्रचार प्रसार में कोई कमी नहीं की जा रही है।