जिले में इस बार केे विधानसभा चुुनाव में जिस तरह के सियासी समीकरण सामने आ रहे हैं, उसको देखते हुए सर्विस मतदाताओं की अनदेखी नहीं की जा सकती है। जिलेभर में करीब 2500 सर्विस मतदाता हैं, जो निर्णायक साबित हो सकते हैं।
जिले के पुरोला, यमुनोत्री व गंगोत्री सीट पर जिस तरह से निर्दलीय और सियासी दल के प्रत्याशियों के बीच सीट जीतने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी है, उससे लगता तो यही है कि किसी भी प्रत्याशियों के बीच जीत-हार का अंतर बेहद कम हो सकता है।
तीनों ही विधानसभा सीट पर इस बार निर्दलीय मैदान में उतरे हैं और राष्ट्रीय दलों के प्रत्याशियों को पूरी टक्कर दे रहे हैं। जिले की तीनों विधानसभा सीट पर अब तक के चुनावी समीकरण त्रिकोणात्मक मुकाबले की ओर इशारा कर रहे हैं। ऐसे में राष्ट्रीय दल के प्रत्याशियों व निर्दलीयों के लिए एक-एक वोट अहम होगी।
ऐसी स्थिति में सर्विस मतदाताओं की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। जिले की पुरोला विधानसभा में कुल 343 सर्विस वोटर हैं, जबकि गत विधानसभा चुनाव में यहां 275 सर्विस मतदाता थे। यमुनोत्री में 756 से बढ़कर इस बार सर्विस वोटरों की संख्या 855 हो गई।
गंगोत्री विस में इस बार सर्विस मतदाताओं की संख्या कम जरूर हुई है, लेकिन पुरोला व यमुनोत्री से अधिक सर्विस मतदाता इस विधानसभा में है। गंगोत्री में 1318 से घटकर सर्विस मतदाताओं की संख्या 1294 है। तीनों विधानसभा में चुनावी समीकरण दिलचस्प हैं।