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सेकू गांव से बाजार आलू पहुंचाना हुआ मुश्किल

Wed, 06 Jul 2016 09:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी
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असी गंगा को पार करने के लिए जान जोखिम में डालकर ट्राली में बैठते सेकू गांव के लोग। - फोटो : Amar Ujala
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असी गंगा पर गार्डर पुल बनने में देरी के कारण अब अगले माह सेकू गांव के लोगों के सामने आलू बाजार तक पहुंचाने की समस्या पैदा हो गई है। 70 परिवार के सेकू गांव में करीब 30 ट्रक लोड आलू का उत्पादन होता है। हाथ से खींचने वाली ट्राली अब तक कईयों के हाथ की अंगुल काट चुकी है, बावजूद इसके ग्रामीणों सहित स्कूली बच्चे और अध्यापकों को इसी ट्राली से आवाजाही के लिए मजबूर होना पड़ता है।
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वर्ष 2012 की आपदा में असी गंगा पर बना गार्डर ब्रिज बाढ़ में बह गया था। सरकार ने क्षेत्र में नए पुल के निर्माण के लिए एनबीसीसी को चुना। पुल निर्माण के तय समय से कहीं अधिक वक्त लगने के कारण सेकू गांव के लोग मुसीबत में हैं।

अगले महीने आलू निकालने का समय है। 70 परिवार के गांव की आजीविका का आधार आलू की नकदी फसल है। यहां उत्पादित करीब 30 ट्रक लोड आलू ट्राली से गंगोरी डोडीताल रोड तक कैसे पहुंचे गांव के लोग इस स्थिति से परेशान हैं।
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सेकू गांव से 20 छात्र-छात्राएं सात किमी भंकोली इंटर कालेज जाते हैं। पैदल दूरी तो ये बच्चे किसी तरह तय कर लेते हैं, लेकिन ट्राली से आरपार गुजरने के इन्हें भारी मशक्कत करनी पड़ती है। ग्रामीणों को राशन भी इसी ट्राली से गांव पहुंचाना पड़ता है।

सेकू गांव निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य कमल सिंह रावत कहते हैं कि ट्राली से गांव का आलू बाजार तक पहुंचना मुश्किल है। पुल को तैयार होने में अभी चार-पांच माह लगेंगे। गांववासी डीएम से मिलकर आलू बाजार पहुंचने के लिए गार्डर बिछे निर्माणाधीन पुल से ही कोई व्यवस्था करने की मांग करेंगे।
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