छोटी-छोटी बचत से ढाई करोड़ रुपये का कोष खड़ा कर गंगोत्री स्वायत्त सहकारिता संघ बना चुकी भटवाड़ी एवं डुंडा प्रखंड की महिलाएं अब तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। जिला मुख्यालय पर दूध डेयरी खोलकर उन्होंने आजीविका के क्षेत्र में कदमताल तेज कर दी है।
चार साल पहले श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम की पहल पर भटवाड़ी एवं डुंडा प्रखंड के 140 गांवों की महिलाओं ने बचत को मजबूत आर्थिकी का आधार बनाने की मुहिम शुरू की।
इन गांवों में 295 समूह गठित कर करीब 4200 महिलाएं इससे जुड़ीं और उन्होंने हर माह बीस से सौ रुपये जमा करने शुरू किए। यह छोटी बचत चार साल में ही दो करोड़ से ज्यादा पहुंच गई और महिला समूहों ने स्वायत्त सहकारिता संघ का रूप ले लिया।
समूहों के इस कोष से ऋण लेकर इन महिलाओं ने पशुपालन, सब्जी उत्पादन, दुकान आदि व्यवसायों को अपनी आजीविका का आधार बनाया।
अब कदम आगे बढ़ाते हुए गंगोत्री स्वायत्त सहकारिता संघ ने जिला मुख्यालय पर दूध डेयरी की शुरूआत की है। बीते बुधवार को बस अड्डे के पास वरुणा कांप्लैक्स में पालिकाध्यक्ष जयेंद्री राणा एवं सीडीओ जीएस रावत ने डेयरी का उद्घाटन किया।
उन्होंने महिलाओं के इस प्रयास की सराहना करते हुए अपनी ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। डेयरी से फिलहाल उत्तरों, नाल्ड, गणेशपुर, नेताला, सिरोर, हीना, मनेरी, जामक, डिडसारी, लोंथ्रू एवं बायणा गांव के 65 स्वयं सहायता समूह जुड़े हैं।
आजीविका के अन्य उपक्रम शुरू करेगा संघ
गंगोत्री स्वायत्त सहकारिता की अध्यक्ष विजनदेई राणा ने बताया कि महिलाओं की छोटी बचत से ढाई करोड़ का कोष जमा हो चुका है। जिसमें से 1,82,51,460 रुपये के ऋण बांटे गए हैं और 72,14,140 रुपये अभी जमा है। आजीविका के क्षेत्र में डेयरी पहला प्रयास है। जल्द ही संघ चारा उत्पादन, चारा बैंक, सब्जी उत्पादन, मसाला आदि उद्योग स्थापित कर महिलाओं की आजीविका को मजबूत आधार देगा।
महिलाओं की मुहिम में साथ आई संस्थाएं
एसबीएमए के परियोजना प्रबंधक गोपाल थपलियाल ने बताया कि छोटी बचत के सहारे महिलाओं द्वारा आजीविका की दिशा में किए जा रहे प्रयास को बढ़ावा देने कई संस्थाएं आगे आ रही हैं। डेयरी में एसबीएमए के साथ ही हिमोत्थान सोसायटी एवं टाटा उत्तराखंड प्रोग्राम द्वारा वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग दिया जा रहा है।
उत्तरकाशी से पंकज गुप्ता।