नौगांव ब्लॉक के निषणी गांव का पुल नहीं बनने से ग्रामीणों को अपनी छानियों व खेतों तक जाने के लिए हर साल हनुमान गंगा नदी पर लड़की की अस्थायी पुलिया बनाकर आवाजाही करनी पड़ती है। इससे आए दिन हादसे का डर बना रहता है।
निषणी गांव में रहने वाले 30-35 परिवारों की छानियां व कृषि भूमि हनुमान गंगा नदी के दूसरे छोर स्थित सेंडी तोक में है, जहां तक जाने के लिए जिला पंचायत द्वारा पूर्व में यहां हनुमान गंगा पर पैदल पुलिया बनाई गई थी। वर्ष 2013 की आपदा में पुलिया बाढ़ में बह गई, जिसके पुनर्निर्माण कराने के लिए ग्रामीणों द्वारा कई बार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई। लेकिन आपदा के छह साल गुजरने के बाद भी इस स्थान पर पुलिया का निर्माण नहीं हो सका।
प्रधान दिनेश कुमार, अनिल पंवार, कुलदीप पंवार, सुबोध पंवार आदि ने बताया कि पुलिया नहीं होने से ग्रामीणों खासकर बुजुर्गों व बच्चों को लकड़ी की बल्लियों के सहारे अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। वहीं पुलिया नहीं होने से नजदीक के पिंडकी और मदेश गांव के ग्रामीणों को भी हनुमानचट्टी तक आवाजाही में भारी दिक्कतें उठानी पड़ती हैं। ग्रामीणों ने जिला पंचायत व प्रशासन से जल्द पुलिया निर्माण कराने की मांग की। ब्लॉक प्रमुख सरोज पंवार ने ग्रामीणों की मांग को जायज ठहराते हुए इस संबंध में शासन-प्रशासन से वार्ता कर स्थायी पुलिया का निर्माण कराने का भरोसा दिया।