चिन्यालीसौड़। टीएचडीसी की पुनर्वास विभाग की टीम सहित जिला प्रशासन की ओर से सहायक भू-वैज्ञानिक भूतत्व और खनिकर्म ने टिहरी बांध झील से प्रभावित भल्ड गांव का स्थलीय निरीक्षण किया। टीम ने गांव में पड़ी दरारों, झील के जलस्तर के कारण हो रहे कटाव की जानकारी ली। जल्द ही टीम अपनी रिपोर्ट पुनर्वास निदेशालय को भेजेगी।
टिहरी बांध की झील का जलस्तर बढ़ने के कारण भल्ड गांव में भू-कटाव सहित भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। गत वर्ष से कई घरों सहित पैदल रास्तों में दरारें पड़ गई। उसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना टीएचडीसी और जिला प्रशासन को दी। वहीं, ग्रामीण टिहरी झील से प्रभावित होने के बाद से लगातार विस्थापन की मांग कर रहे थे, लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई न होने के बाद ग्रामीणों को गत माह धरने पर बैठने काे मजबूर होना पड़ा।
बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन की ओर से सहायक भू-वैज्ञानिक भूतत्व और खनिकर्म इकाई प्रदीप, अधिशासी अभियंता पुनर्वास अनूप कुमार ड्यूडी, सहायक अभियंता शक्ति चमोली ने भल्ड गांव का स्थलीय निरीक्षण किया। इस मौके पर कमल लाल, सागर भंडारी, जगदीश प्रसाद आदि मौजूद रहे।