भवन में लगी टाइल्स उखड़ने लगी, लाखों की संपत्ति हो रही है बरबाद
उत्तरकाशी। दयारा बुग्याल के मुख्य पड़ाव रैथल गांव में पर्यटन की गतिविधियों व स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए पहाड़ी शैली में दो मंजिला ग्रोथ सेंटर तैयार किया गया था लेकिन पर्यटन विभाग की लापरवाही के कारण छह वर्ष बाद अब यह बदहाल स्थिति में पड़ा है। इसके भवन पर लगी टाइल्स उखड़ने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि इसका निर्माण लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए किया गया था लेकिन शासन-प्रशासन की उदासीनता के लाखों की संपत्ति बरबाद हो रही है।
स्थानीय निवासी पंकज कुशवाह ने बताया कि वर्ष 2005 में पर्यटन ग्राम में प्रशासन की ओर से एक सामुदायिक केंद्र का निर्माण किया गया। उसके बाद वर्ष 2019-20 में तत्कालीन मुख्य सचिव के रैथल पहुंचने पर ग्रामीणों ने केंद्र के उच्चीकरण की मांग की। उसके बाद पर्यटन विभाग की ओर से वर्ष 2020 में करीब साठ लाख की लागत से वहां पर दो मंजिला पहाड़ी शैली में ग्रोथ सेंटर का निर्माण किया गया।
योजना के अनुसार उसमें साहसिक पर्यटन गतिविधियों के लिए सिनेमा हॉल सहित कॉफी क्लब, ट्रेकिंग व पर्वतारोहण से जुड़े सामान व स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए दुकानें व अन्य सुविधाएं दी जानी थी। विभाग ने इसके निर्माण के बाद इसके संचालन का जिम्मा दयारा पर्यटन उत्सव समिति को सौंपा लेकिन पर्यटन विभाग व समिति के बीच कुछ बिंदुओं पर सहमति न बनने के कारण इसका संचालन शुरू नहीं हो सका।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उसके बाद पर्यटन विभाग की ओर से इसकी ओर मुड़ कर नहीं देखा गया। अब स्थिति यह है कि इसकी टाइल्स सहित अन्य सामान भी बदहाली के कगार पर पहुंच गया है। हर वर्ष रैथल गांव में करीब एक लाख पर्यटक पहुंचता है लेकिन उनकी सुविधाओं के लिए कुछ भी उपलब्ध नहीं है। डीएम प्रशांत आर्य का कहना है कि इसकी जानकारी नहीं है। पर्यटन विभाग के अधिकारियों से जानकारी लेकर जल्द ही इसके संचालन के लिए प्रक्रिया शुरू करवाई जाएगी।