विगत छह माह से मनेरगा योजना में लगी निर्माण सामग्री का भुगतान न होने से प्रधानों में रोष है। स्थिति ये है कि संपूर्ण जनपद में मनरेगा निर्माण सामग्री का करीब 40 करोड़ का बकाया है। जिला प्रधान संगठन ने शीघ्र निर्माण सामग्री मद में बकाया भुगतान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत जनपद के छह विकास खंडों में हुए निर्माण कार्यों में लगी सामग्री का भुगतान छह माह से लटका हुआ है। वहीं मनरेगा सहायकों को भी 9 माह से वेतन नहीं मिला है। मंगलवार को जिला प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष व प्रदेश महामंत्री प्रताप रावत के नेतृत्व में ग्राम प्रधानों के प्रतिनिधिमंडल ने मामले को लेकर प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी केके पंत से मुलाकात कर अपनी नाराजगी दर्ज कराई। प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष रावत ने कहा कि मनरेगा कार्यों के तकनीकी स्वीकृति में भी लेटलतीफी बरती जा रही है। प्रतिनिधिमंडल में प्रधान संठन के ब्लाक अध्यक्ष भटवाड़ी श्यालिकराम भट्ट, जिला सचिव नवीन राणा, धर्मवीर पंवार, अनिल पंवार, महेंद्र पंवार, धर्मेद्र रमोला, अंजना रावत, नरेश चौहान, प्रथम सिंह नेगी, नीलम रमोला, सरिता बिष्ट शामिल रहे। वहीं प्रभारी सीडीओ केके पंत ने बताया कि मनरेगा मजदूरों का पैसा बराबर आ रहा है। निर्माण सामग्री मद का पैसा जरूर लंबित है, जो कि केंद्र सरकार की ओर से आना है। इस मद में धनराशि मिलते ही बकाया भुगतान कर दिया जाएगा।