आगामी कांवड़ यात्रा को लेकर जनपद की पुलिस ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी है। इस वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान नशीले पदार्थों की तस्करी की रोकथाम के लिए विशेष टीमें तैनात की गई है। साथ ही चिन्यालीसौड़ नगुण बैरियर से लेकर गंगोत्री धाम तक कांवड़ यात्रा को लेकर पांच जोन में बांटा गया है।
बुधवार को पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी ने कांवड़ यात्रा को लेकर संबंधित सभी थानाध्यक्षों सहित स्थानीय अभिसूचना इकाई के कर्मियों की बैठक ली। एसपी ने कांवड़ रूट पर पड़ने वाले थानों को पांच जोन में बांटा। यहां पर ट्रैफिक सहित अन्य व्यवस्थाओं को लेकर निरीक्षक पद के अधिकारी जिम्मेदारी संभालेंगे। जहां पर निरीक्षक पद के अधिकारी नहीं होंगे, वहां पर वरिष्ठ उपनिरीक्षक पद के पुलिस अधिकारी तैनात रहेंगे।
डीजे पर भी किया जाएगा नियंत्रण
एसपी ने बताया कि जहां पर भी भंडारों का आयोजन होता है, वहां पर काम करने वाले लोगों का एलआईयू लगातार सत्यापन करेगी। इसके साथ ही भंडारे स्थित स्थानों पर गंदगी की अधिक समस्या होती है। इसके लिए पुलिस ने जिला प्रशासन से मोबाइल टॉयलेट लगाने का अनुरोध किया है।
एसपी अर्पण यदुवंशी ने बताया कि हर वर्ष शिकायत आती है कि कांवड़ यात्रा के दौरान जनपद से चरस-गांजा की तस्करी होती है। इसको रोकने के लिए विशेष टीमें नियुक्त की गई है। उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे पर भी नियंत्रण किया जाएगा। क्योंकि जनपद का उत्तरकाशी से लेकर गंगोत्री तक ईको सेंसटिव जोन है। इसलिए यहां पर ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए भी अभियान चलाया जाएगा।
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इसके साथ ही बरसात के दौरान कई बार कांवड़िए जबरन आगे जाने की कोशिश करते हैं। इसके लिए पुलिस कुछ कांस्टेबलों की मुख्य केंद्रों पर तैनाती करेगी। बैठक में सीओ प्रशांत कुमार, निरीक्षक शिव कुमार, दीपक रावत, अमरजीत सिंह, मनोज असवाल, राजेंद्र नाथ, सचिन कुमार, देवेंद्र सिंह नेगी, अनूप नयाल आदि मौजूद रहे।