बड़कोट। अपर यमुना वन प्रभाग की रवाई रेंज में वन विभाग की गश्ती टीम ने देवदार की लकड़ी से बने 49 दरवाजे, खिड़की और रोशनदान के पल्लों से लदी पिकअप पकड़ी है। लकड़ी का बाजार मूल्य करीब एक लाख आंका गया है। गश्ती दल को देखकर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। वन विभाग ने वाहन सीज कर भारतीय वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रभागीय वनाधिकारी अजय लिंगवाल के निर्देशन और उपप्रभागीय वनाधिकारी साधु लाल पलियाल के मार्गदर्शन में रवांई रेंज में वन अपराधों की रोकथाम के लिए नियमित रात्रि गश्त की जा रही है। इसी क्रम में बीती रात करीब दो बजे बिगराड़ी बीट के अंतर्गत गडोली-पौंटी मोटर मार्ग पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सराड़ी के समीप गश्ती दल को गडोली की ओर से पौंटी पुल की तरफ एक पिकअप आती दिखाई दी।
टीम ने वाहन रोकने का प्रयास किया तो चालक कुछ दूरी पर पिकअप खड़ी कर मौके से फरार हो गया। वन विभाग की टीम ने वाहन की तलाशी ली तो उसमें देवदार की लकड़ी से निर्मित विभिन्न आकार के 49 दरवाजे, खिड़की और रोशनदान के पल्ले बरामद हुए। टीम ने लकड़ी समेत पिकअप को कब्जे में ले लिया।
वन क्षेत्राधिकारी आशीष नौटियाल ने बताया कि वाहन चालक के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम, 1927 की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर वाहन सीज कर दिया गया है। मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई करने वाली टीम में वन दरोगा जयवीर राणा और सतीश रावत, वन बीट अधिकारी संदीप उनियाल, अंकित राणा और अजीत सिंह चौहान, बीट सहायक यशवंत सिंह रावत, राजवीर शामिल रहे।