हर्षिल-लम्खागा-छितकुल ट्रेक पर रविवार को इस सीजन का पहला दल रवाना होगा। दल को वन विभाग से अनुमति मिल गई है। पिछले वर्ष यहां सात पर्यटकों की मौत हो गई थी। तब से यहां पर्यटकों की आवाजाही बंद थी।
पिछले वर्ष अक्तूबर में हर्षिल-लम्खागा-छितकुल ट्रेक सात पर्यटकों की मौत हो गई थी। यह ट्रेक हर्षिल से शुरू लम्खागा पास होते हुए हिमाचल के छितकुल में खुलता है। ट्रेक करीब 100 किमी लंबा है, जिससे करीब 12 दिनों में तय किया जाता है। ट्रेक पर हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। पिछले वर्ष अक्तूबर में ट्रेक पर मौसम खराब होने से सात ट्रेकरों की मौत हो गई थी। गढ़वाल हिमालय ट्रेकिंग एवं माउंटेनियरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष जयेंद्र राणा ने बताया कि घटना के बाद से ट्रेक पर पर्यटकों को अनुमति नहीं दी जा रही थी। राणा ने बताया कि पर्यटन व ट्रेकिंग से जुुड़े व्यवसायी ट्रेक को खोले जाने की मांग कर रहे थे। स्थानीय विधायक सुरेश चौहान की पहल पर वन विभाग ने ट्रेक पर पर्यटकों को अनुमति दे दी है। रविवार को इस सीजन का पहला दल इस ट्रेक पर रवाना होगा। डीएफओ पुनीत तोमर ने कहा कि पूरे ऐतिहात के साथ इस ट्रेक पर पर्यटकों को ट्रेकिंग की अनुमति दी गई है। इस संबंध में आपदा प्रबंधन विभाग को भी सूचित किया गया है। तोमर ने बताया कि यदि बारिश हुई, तो ट्रेक पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।