फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धार्मिक आस्था से जुड़े वर्षों पुराने पीपल के हरे पेड़ को काटने पर लोगों ने जताया रोष

विज्ञापन
विज्ञापन
नगर के वार्ड नंबर दो में सुरकंडा देवी मंदिर परिसर में खड़ा वर्षों पुराना पीपल का पेड़ काटे जाने पर क्षेत्र की जनता में रोष है। उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मौके पर पहुंची राजस्व विभाग की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन

नगर के वार्ड नंबर दो में सुरकंडा देवी मंदिर परिसर में पीपल का वर्षों पुराना पेड़ था। बुधवार सुबह जब लोग मंदिर में पूजा के लिए पहुंचे, तो यहां पेड़ जड़ समेत गायब मिला। इससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोगों ने यहां प्रदर्शन करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। श्रद्धालुओं का कहना है कि पीपल का पेड़ देव वृक्ष है। वर्षों पुराना यह पेड़ क्षेत्र के लोगों की आस्था से जुड़ा था। प्रशासन और वन विभाग की मिलीभगत से रातों रात पेड़ को काटकर हटा दिया गया। विवाद बढ़ने पर राजस्व एवं वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। क्षेत्र के लोगों ने पेड़ काटने वाले के साथ ही इसकी अनुमति देने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मौके पर पहुंचे वन विभाग के वन दरोगा लाखीराम ने बताया कि राजस्व विभाग की ओर से अनिल सिंह नामक व्यक्ति के आवेदन पर पेड़ काटने की अनुमति मांगी गई थी, जिसमें राजस्व विभाग ने निजी भूमि पर जीर्णशीर्ण पेड़ बताया था। जबकि वन विभाग की रिपोर्ट में मौका मुआयना के आधार पर पीपल का हरा पेड़ दिखाया। इसके बाद पेड़ काटने की स्वीकृति दी गई। तहसीलदार वीरेंद्र रावत ने लोगों को भरोसा दिलाया कि एक हफ्ते के भीतर मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शूरवीर रांगड़, जोत सिंह बिष्ट, महावीर, नरेंद्र नेगी, ओमप्रकाश सेमवाल, सुमन बडोनी, पूर्ण सिंह, मेहरबान नेगी, प्रदीप बिष्ट, दर्मियान रावत आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें