मोरी के बाद अब पुरोला के ग्रामीण भी चुनाव में खुद ही प्रत्याशी चुनने की राह पर चल पड़े हैं। पुरोला के लोग चुनाव में आम जन की रायशुमारी के बाद जल्द अपना प्रत्याशी चुनेंगे। आगामी 26 दिसंबर को प्रत्याशी के चयन को लेकर ग्रामीणों ने महापंचायत बुलाई है। महापंचायत को सफल बनाने को क्षेत्र के दो दर्जन गणमान्य व्यक्तियों का संयोजक मंडल बनाया गया है।
बुधवार को क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा गजेंद्र सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने विधान सभा चुनाव में राजनीतिक पार्टियों द्वारा थोपे गए प्रत्याशियों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र विकास के मामले में पिछड़ रहा है।
अब तक राष्ट्रीय दल के प्रत्याशी को वोट देते आए लेकिन गांवों के विकास के प्रति चुने गए विधायक ने कोई ध्यान नहीं दिया। जिस कारण जनता आज भी मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है। आज हुई बैठक में बताया गया कि आम जनता की रायशुमारी से ईमानदार प्रत्याशी खड़ा किया जाएगा और उसको ही वोट देंगे।
इसको लेकर 26 दिसंबर को पुरोला में एक महापंचायत के आयोजन का निर्णय लिया गया। बैठक में विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा लोकतांत्रिक विकास समिति का गठन भी किया गया। इस मौके पर बलदेव भंडारी, पूरण सिंह, शूरवीर सिंह चौहान, भगवान शर्मा, दिनेश उनियाल, उपेंद्र नेगी आदि मौजूद थे।