बीडीसी बैठक में कृषि विभाग द्वारा विभिन्न गांवों में बनाए जा रहे सिंचाई टैंकों को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों ने हंगामा किया। डीएम मयूर दीक्षित ने मामले में मुख्य कृषि अधिकारी को जांच कर 15 नवंबर तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए। डीएम ने बीडीसी बैठक में अनुपस्थित रहने पर लोनिवि एवं सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंताओं का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
शुक्रवार को ब्लॉक प्रमुख रीता पंवार की अध्यक्षता में बीडीसी बैठक हुई। कृषि विभाग पर चर्चा में पंचायत प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि विभाग द्वारा बिना जनप्रतिनिधियों की सहमति के अनुपयोगी स्थानों पर सिंचाई टैंकों का निर्माण कराया जा रहा है। प्रधान देवी चौहान, निकेंद्र नेगी, धर्म लाल ने बताया कि उनके गांवों में ऐसे स्थानों पर टैंक बनाए जा रहे हैं, जहां पानी ही नहीं है। डीएम मयूर दीक्षित ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य कृषि अधिकारी को जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि ढाई लाख से बन रहे सिंचाई टैंकों के निर्माण में यदि गड़बड़ी पाई गई, तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के वेतन से इसकी वसूली की जाएगी।
कंडियाल गांव के प्रधान विजेंद्र पंवार ने सिंचाई नहरों की मरम्मत के लिए कम बजट मिलने की शिकायत की। प्रधान संगठन के अध्यक्ष अरविंद पंवार ने मनरेगा की फाइलें लंबित होने से कार्यों में दिक्कत आने की बात कही। जलागम के उपनिदेशक के बैठक में नहीं पहुंचने पर डीएम ने उन्हें तत्काल तलब किया और विभागीय कार्यों की जानकारी ली। इस मौके पर एसडीएम सोहन सिंह सैनी, बीडीओ एमएस रावत, ज्येष्ठ उपप्रमुख सरिता रावत, कनिष्ठ उपप्रमुख सुभाष नेगी आदि मौजूद रहे।