क्षेत्र विकास समिति की बैठक में क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और विकास योजनाओं पर चर्चा की गई। पंचायत प्रतिनिधियों ने यमुनोत्री हाईवे पर निम्न गुणवत्ता के कार्यों पर नाराजगी जताई। सदन में सीएचसी नौगांव को पीपीपी मोड से हटाकर पूर्व की भांति स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से इसका संचालन करने का प्रस्ताव पारित किया गया।
बृहस्पतिवार को विकासखंड सभागार में ब्लाक प्रमुख रचना बहुगुणा की अध्यक्षता में बीडीसी बैठक हुई। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि करोड़ों रुपये लागत से कार्य कराए जाने पर भी यमुनोत्री हाईवे की दशा नहीं सुधर रही है। इसके लिए उन्होंने घटिया गुणवत्ता को जिम्मेदार ठहराया।
कुठार गांव के प्रधान जय सिंह ने काम पूरा होने के बावजूद लोनिवि बड़कोट द्वारा भुगतान नहीं करने की शिकायत की। प्रधान संगठन के अध्यक्ष नयन सिंह बर्त्वाल ने नौगांव नगर में पेयजल किल्लत की समस्या उठाई। इस पर जल संस्थान ने टैंकर से जलापूर्ति की बात कही। क्षेत्र पंचायत सदस्य सीताराम डोभाल ने धारी गांव में गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायत की।
नौगांव नगर में शौचालय की व्यवस्था नहीं होने पर एसडीएम आरके पांडेय ने यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने से पहले अस्थाई शौचालय बनवाने का आश्वासन दिया। सदस्यों ने नौगांव ब्लाक में एक दर्जन से ज्यादा सड़कें आरटीओ पास नहीं होने पर आपत्ति जताते हुए इस संबंध में कार्रवाई की मांग की।
क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनील प्रसाद ने इढ़क गांव में बाढ़ सुरक्षा कार्य कराने की मांग की। सदस्यों ने सीएचसी नौगांव को पीपीपी मोड से हटाकर पुन: स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से संचालित करने का प्रस्ताव पारित कर राज्यपाल को प्रेषित किया। इस मौके पर कनिष्ठ उपप्रमुख श्याम सिंह राणा, बीडीओ केके पंत आदि मौजूद रहे।