पुरोला। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाले मोरी विकासखंड में ऑनलाइन व्यवस्था अब ग्रामीण रोजगार और विकास कार्यों के आड़े आ रही है। नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या के चलते जरूरतमंद श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज कराने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए प्रधान संगठन मोरी ने मनरेगा की तर्ज पर ऑफलाइन कार्य व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई है।
संगठन के अध्यक्ष एवं ग्राम प्रधान गुराड़ी कैलाश प्रसाद डिमरी ने मंगलवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर वीबीजीरामजी योजना में स्थानीय जरूरतों के अनुसार कार्य स्वीकृत करने की मांग की। प्रधान संगठन के अनुसार इन कार्यों की मोरी के गांवों में लंबे समय से जरूरत है और इन्हें रोजगारपरक तरीके से संचालित किया जा सकता है। कैलाश ने कहा कि मोरी जैसे दुर्गम क्षेत्र में मैदानी क्षेत्रों के अनुरूप ऑनलाइन व्यवस्था लागू करने के बजाय स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है। संवाद