जिला अस्पताल में रोजाना 400 से 500 ओपीडी वाले मरीजों को कई बार अस्पताल संबंधी सामान्य जानकारी नहीं होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। चिकित्सकों और मरीजों के बीच भाषा अंतर से भी मरीज अपनी बीमारी के बारे में सही ढंग से नहीं बता पाते हैं। ऐसे में मरीजों की मदद और चिकित्सकों के साथ स्वस्थ संवाद के लिए यूथ फाउंडेशन ने पहल की है।
शुक्रवार को फाउंडेशन से जुड़े साठ स्वयंसेवी जिला अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने चिकित्सा सेवाओं के बारे में जानकारी हासिल की। ये स्वयंसेवी दूरस्थ गांवों से आने वाले मरीजों की समस्या जानकर उन्हें संबंधित डाक्टर तक पहुंचाने, ओपीडी की पर्ची कटाने, खून की व्यवस्था, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड एवं पैथोलॉजी जांच आदि में मदद करेंगे।
प्रभारी प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा.एसपी कुड़ियाल ने इन स्वयंसेवियों को महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए इस जनहितकारी कार्य में सहयोग का भरोसा दिलाया। इस मौके पर फाउंडेशन के प्रशिक्षक जगमोहन, देवेंद्र, स्वयंसेवी अमित मिश्रा, अनुज ठाकुर, नीरज डोभाल, दलवीर राणा आदि मौजूद थे।
दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सकों की कमी को देखते हुए डाक्टरों और मरीजों के बीच स्वस्थ संवाद कायम करने की जरूरत है। जानकारी के अभाव में भी मरीजों को समय पर समुचित उपचार नहीं मिल पाता है। फाउंडेशन के चार स्वयंसेवी रोजाना जिला अस्पताल में रहकर मरीजों की मदद करेंगे। कर्नल अजय कोठियाल की प्रेरणा से गठित यूथ फाउंडेशन गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को बड़े अस्पतालों में स्तरीय चिकित्सा सेवाएं मुहैया कराने का प्रयास भी करेगी।
- हरीश डंगवाल, प्रतिनिधि यूथ फाउंडेशन उत्तराखंड।