यमुनोत्री हाईवे पर तीन दिनों तक बड़े वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। बीते बुधवार को रानाचट्टी के पास हाईवे की सुरक्षा दीवार धंस गई थी। किसी तरह इसे आवाजाही लायक बनाया गया, लेकिन हाईवे के फिर धंसने से बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है। हाईवे बंद होने से धाम की ओर छोटे-बड़े वाहनों में करीब सात हजार यात्रियों के फंसे होने की सूचना है।
यमुनोत्री धाम से करीब 18 किमी पहले स्यानाचट्टी और रानाचट्टी के बीच यमुनोत्री हाईवे की दीवार धंस गई थी। इससे हाईवे का करीब 15 मीटर हिस्सा धंस गया था। बृहस्पतिवार को नेशनल हाईवे (एनएच) की टीम ने मशीनों और मजदूरों की मदद से हाईवे को किसी तरह आवाजाही लायक बनाया था। लेकिन रात में सड़क दोबारा धंस गई। शुक्रवार सुबह इस हिस्से में बस ने निकलने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद प्रशासन ने अगले तीन दिनों के लिए बड़े वाहनों की आवाजाही रोक दी है। इससे पालीगाड़ से स्यानाचट्टी तक पांच किमी लंबा जाम लगा रहा। हाईवे बंद होने से रानाचट्टी से यमुनोत्री धाम की ओर सात हजार यात्री फंसे होने की सूचना है।
एसडीएम शालिनी नेगी ने बताया कि धंसाव के चलते हाईवे संकरा हो गया है और बड़े वाहनों का ऊपरी हिस्सा चट्टान में लगने से आवाजाही संभव नहीं है। इस कारण बड़े वाहनों पर तीन दिन की रोक लगाई गई है। इस दौरान चौबीसों घंटे एनएच की टीम हाईवे की मरम्मत करेगी। चट्टान की कटिंग के साथ सुरक्षा दीवार की जगह वायरक्रेट डालकर दीवार बनाने का काम किया जाएगा। बताया कि इस हिस्से में छोटे वाहनों को ही आवाजाही की अनुमति दी गई है।
जानकीचट्टी में फंसे बड़े वाहनों को निकालेंगे
एसडीएम बड़कोट शालिनी नेगी ने बताया कि जानकीचट्टी में फंसे बड़े वाहनों को निकालने का प्रयास शनिवार को किया जाएगा। इसके लिए एनएच चट्टान कटिंग का काम कर रहा है। प्रयास किया जाएगा कि शनिवार सुबह धाम की ओर फंसे सभी बड़े वाहनों को निकाल लिया जाए।
आवासीय क्षेत्रों में रोके गए यात्री वाहन
यात्रियों को रहने व खाने की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन ने शुक्रवार को सभी यात्री वाहनों को बड़कोट, खरादी, कुथनौर, गंगनानी, स्यानाचट्टी आदि स्थानों पर रोक दिया। हाईवे पर फंसे यात्रियों की मदद के लिए प्रशासन के साथ ही संस्थाएं भी आगे आई हैं। डामटा से लेकर स्यानाचट्टी तक राजस्व व जिला पूर्ति विभाग ने यात्रियों को भोजन कराया। साथ ही बिस्कुट व पानी भी दिया। कई स्थानों पर एसडीएम भी यात्रियों को पानी बांटती नजर आईं।
प्रशासन ने शुरू की शटल सेवा
हाईवे बंद होने से रानाचट्टी से यमुनोत्री धाम तक सात हजार यात्री फंसे होने की सूचना है। बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में करीब 350 छोटे-बड़े वाहन फंसे हुए हैं। हालांकि यहां प्रशासन ने यात्रियों को आर-पार करवाने के लिए शटल सेवा शुरू की है। रानाचट्टी और स्यानाचट्टी के बीच 15 छोटे वाहन लगाए गए हैं। एआरटीओ मुकेश सैनी ने बताया कि यमुनोत्री धाम जाने वाले यात्रियों को डामटा से छोटे वाहनों में भेजा जा रहा है। डामटा से करीब 25 छोटे वाहन लगाए गए हैं। जब तक बड़े वाहनों के लिए हाईवे नहीं खुल जाता यात्रियों को छोटे वाहनों से ही भेजा जाएगा।