लॉकडाउन के चलते रवाईं घाटी के काश्तकारों की आजीविका खतरे में पड़ गई है। खेतों में तैयार मटर की फसल को मंडियों तक पहुंचाने के लिए किसानों को अधिक भाड़ा चुकाना पड़ रहा है और मंडी में ग्राहकों की कमी के चलते फसल का सही भाव भी नहीं मिल पा रहा है। किसानों ने मंडल समिति के अध्यक्ष को ज्ञापन प्रेषित कर मटर की फसल समर्थन मूल्य पर खरीदने की मांग की है।
रवाईं घाटी के रामा सिराईं, कमल सिराईं, मुंगरसंती, बनाल, ठकराल सहित जौनपुर तक के क्षेत्र में किसानों की आजीविका मुख्य रूप से सब्जी उत्पादन पर टिकी है। आजकल यहां खेतों में मटर की फसल तैयार है। क्षेत्र के किसान सरदार सिंह रावत, फकीर सिंह, धनवीर सिंह, मनमोहन चौहान, दीवान सिंह, मनोज रतूड़ी, अरविंद सिंह आदि का कहना है कि किसानों ने बैंकों से ऋण लेकर खेतों में फसल उगाई है। यदि उचित मूल्य नहीं मिला, तो उनके समक्ष बैंक का कर्ज लौटाने के साथ ही आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश चौहान के माध्यम से मंडी समिति के अध्यक्ष को ज्ञापन प्रेषित कर मटर का समर्थन मूल्य देने की मांग की है।