आईटीआई भवनों के जीर्णोद्धार कार्य में लीपापोती के मामले में डीएम मयूर दीक्षित ने प्रशासनिक अधिकारी की मौजूदगी में तकनीकी जांच के निर्देश दिए हैं। सामाजिक संगठन जय हो ग्रुप ने भवनों के निर्माण में मानकों के विपरीत कार्य की शिकायत की थी।
1985 में निर्मित आईटीआई के जीर्णशीर्ण भवनों के जीर्णोद्धार के लिए विश्व बैंक से करीब आठ करोड़ आवंटित हुए हैं। जय हो ग्रुप ने मामले की शिकायत कर जिला प्रशासन को शिकायती पत्र लिखा था। इस पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने एसडीएम बड़कोट शालिनी नेगी को तकनीकी जांच कमेटी गठित कर जांच कराने को कहा है। एसडीएम शालिनी नेगी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया से निपटने के बाद आईटीआई के साथ ही नगर पालिका के द्वारा लीपापोती कर बजट ठिकाने लगाने की लंबित जांच शुरू कर दी जाएगी।