सेना की छावनी वाले प्रमुख पर्यटन स्थल हर्षिल में बीते तीन दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। जिस कारण यहां जवानों व स्थानीय लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जल संस्थान द्वारा सुध नहीं लेने पर आईटीबीपी के जवान स्वयं लाइनों को दुरुस्त करने के कार्य में जुटे हुए हैं।
बीते हफ्ते क्षेत्र में भारी बर्फबारी और बारिश के चलते हर्षिल की पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। स्रोत से आया कचरा जगह-जगह पाइप लाइन में फंसने के कारण यह समस्या हुई। गांव के प्रधान दिनेश रावत, माधवेंद्र रावत आदि ने इस संबंध में जल संस्थान के अधिकारियों से शिकायत की तो उन्होंने जल जीवन मिशन योजना के तहत लाइन दुरुस्त कराने की बात कह कर पल्ला झाड़ लिया। पानी की किल्लत से परेशान आईटीबीपी के जवानों ने स्थानीय लोगों की मदद से स्वयं चोक लाइन को खोलने का कार्य शुरू किया। प्रख्यात पर्यटन स्थल होने के साथ ही सेना की छावनी एवं आईटीबीपी कैंप के बावजूद हर्षिल की पेयजल आपूर्ति के प्रति विभाग के उदासीन रवैये से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। मामले में जल संस्थान के अधिशासी अभियंता बीएस डोगरा ने बताया कि उन्हें मंगलवार को हर्षिल में पेयजल आपूर्ति ठप होने की शिकायत मिली है। तत्काल फील्ड कर्मचारियों को मौके पर भेजकर समस्या का समाधान किया जा रहा है।