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जरूरी न हो तो बाहर जाने की योजना पर कुछ दिन लगाएं विराम

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इन दिनों कहीं बाहर की योजना बना रहे हैं, तो वाहनों की किल्लत आपके लिए समस्या बन सकती है। विधानसभा चुनाव के लिए जिले में 729 छोटे-बड़े वाहनों को अधिग्रहित किए गए हैं, जो कि 15 फरवरी के बाद ही अधिग्रहण से मुक्त हो पाएंगे।
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विधानसभा चुनाव 2022 के लिए 14 फरवरी को मतदान होना है, जिसके लिए प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। चुनाव में पोलिंग पार्टियों, पुलिस और निगरानी टीमों आदि के लिए जिला प्रशासन के निर्देश पर परिवहन विभाग ने बड़ी संख्या में वाहनों का अधिग्रहण किया है, जिसमें टीजीएमओ सहित स्कूल बसों के अलावा कई छोटे वाहन शामिल हैं। इन वाहनों से दिव्यांग और 80 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं के लिए पोस्टल बैलेट टीमों को भी पहले ही रवाना किया जा चुका है। जबकि 11 फरवरी (आज) से पोलिंग पार्टियों की रवानगी भी शुरू हो जाएगी। वाहनों के चुनाव कार्य में अधिग्रहित होने से वाहनों की किल्लत शुरू हो गई है। खास तौर पर वाहनों की बुकिंग करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि जितने वाहनों की मांग है, उतने उपलब्ध ही नहीं है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी मुकेश सैनी का कहना है कि वाहनों के चुनाव में होने से आम जनता को कोई परेशानी न हो, इसके लिए कुछ वाहन बाहर से भी मंगाए गए हैं। सेवा पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा है। उन्होंने 15 फरवरी शाम के बाद अधिग्रहित वाहनों के भी वापस आ जाने की बात कही।
किसके लिए कितने वाहन हैं अधिग्रहित
पोलिंग पार्टियों- 352
सेक्टर मजिस्ट्रेट-135
जोनल मजिस्ट्रेट-13
उड़न दस्ता टीम आदि-49
पुलिस बल-100
पोस्टल बैलेट टीम-80
संकरी सड़क व बेतरतीब खड़े वाहनों से लग रहा जाम
थराली। बाजार में आए दिन घंटों जाम लगने से मुसाफिरों और राहगीरों को मुसीबतों को सामना करना पड़ रहा है। कई बार जाम की स्थिति पैदा हो रही है। बेतालेश्वर मंदिर से थराली देवाल चौराहे तक सड़क संकरी है। दुकानदार और कई लोग अपने वाहनों को जब सड़क किनारे खड़े करते हैं, तो यहां से दो वाहन आ जा नहीं सकते है। पुलिस और होमगार्ड के जवान किसी तरह जाम खुलवाते हैं, लेकिन फिर से बाजार में सड़क किनारे वाहन खड़ा करने से यही समस्या खड़ी हो जाती है। बाजार में अतिक्रमण भी इस समस्या का कारण है। लोनिवि सालों से अतिक्रमण चिह्नित कर कार्रवाई की बात कर रहा है, लेकिन समस्या जस की तस बनी है। राजेंद्र सिंह, भरत सिंह, महेश चंद्र, कुंदन सिंह आदि का कहना है कि लोनिवि व प्रशासन को अवैध निर्माण को हटाकर सड़क चौड़ी करनी चाहिए और पुलिस प्रशासन को उन लोगों के विरुद्घ कार्रवाई करनी चाहिए। संवाद
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