89 दिनों तक सेवाएं देने के बाद हटाए गए 32 अतिथि शिक्षक हाईकोर्ट न्यायालय से स्टे ले आए हैं। डीएम के आदेश पर डिप्टी कलक्टर कमलेश मेहता ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
भटवाड़ी ब्लाक में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति का मामला शुरूआत से ही विवाद में उलझा है। चयन में गड़बड़ी के आरोप प्रत्यारोपों के बीच अतिथि शिक्षकों ने 89 दिन का कार्यकाल पूरा कर लिया।
इस दौरान एडीएम की ओर से की गई जांच में 15 अभ्यर्थियों का चयन गलत पाया गया था। शिक्षा विभाग ने इन 15 अतिथि शिक्षकों के साथ ही छात्र संख्या शून्य होने के आधार पर अन्य 17 अतिथि शिक्षकों को हटाकर मैरिट सूची के आधार पर अन्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे दी।
हटाए गए अतिथि शिक्षकों की ओर से प्रदर्शन किए जाने पर डीएम ने सीईओ को विवाद सुलझाने के निर्देश दिए थे, लेकिन वह बिना बताए छुट्टी चले गए। इस पर डीएम ने उनका चार्ज छीनकर डिप्टी कलक्टर कमलेश मेहता को सौंप दिया।
अब 89 दिनों तक सेवाएं देने के बाद हटाए गए अतिथि शिक्षक हाईकोर्ट से स्टे लाकर पुन: नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। इधर पूर्व में हुई जांच के आधार पर योग्य पाए गए अतिथि शिक्षक भी नियुक्ति नहीं मिलने की स्थिति में न्यायालय की शरण में जाने की तैयारी कर रहे हैं।
डीएम विनय शंकर पांडेय ने डिप्टी कलक्टर मेहता की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी बनाकर मामले को पूरी तरह खंगाल कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कमेटी में बीईओ भटवाड़ी के साथ ही अतिथि शिक्षकों के दो प्रतिनिधि शामिल हैं। जांच टीम दस दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपेगी। डिप्टी कलक्टर मेहता का कहना है कि विषय विशेषज्ञों से राय ली जा रही है। न्यायालय के आदेश का सम्मान किया जाएगा।