मनरेगा कार्यों में आ रही समस्याओं का निस्तारण नहीं किए जाने से गुस्साए ग्राम प्रधानों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को ब्लॉक एवं जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन के बाद बृहस्पतिवार को प्रधानों ने अपने-अपने घरों पर ही दो घंटे तक धरना दिया। उन्होंने शीघ्र मांगें पूरी नहीं होने पर छह जुलाई को मनरेगा के दफ्तरों पर तालाबंदी करने का एलान किया है।
प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष प्रताप रावत ने बताया कि जिले में मनरेगा जेई के कई पद रिक्त पड़े हैं। इससे मनरेगा कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं। इसके अलावा मनरेगा कार्यों में प्रयुक्त रेत बजरी आदि उपखनिज की रॉयल्टी भी ज्यादा वसूली जा रही है। सीमेंट बाजार में 505 रुपये प्रति बैग की दर से बिक रहा है, जबकि मनरेगा में अब भी साढ़े तीन सौ रुपये की दर से भुगतान किया जा रहा है। इन दिक्कतों के चलते मनरेगा के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार से सभी ग्राम प्रधान अपने-अपने घरों पर दो घंटे धरना दे रहे हैं। छह जुलाई तक यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो मनरेगा के दफ्तरों पर तालाबंदी कर कार्य पूरी तरह ठप करा दिए जाएंगे।