बर्फबारी के कारण वाहनों का संचालन हो गया था बंद, फिसलन होने से जोखिमभरी बनी है आवाजाही
गंगोत्री सहित कई गांवों में बिजली आपूर्ति ठप, आज तक बहाली का दावा
उत्तरकाशी। बर्फबारी से बंद गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे पूरी तरह से यातायात के लिए सुचारू हो गए हैं। सुक्की टॉप से आगे भारी बर्फबारी के कारण बाधित गंगोत्री हाईवे पर आवाजाही सुचारू हो गई है। हालांकि हाईवे पर फिसलन होने से आवागमन जोखिमभरा बना हुआ है। वहीं गंगोत्री सहित कई गांवों में बिजली गुल हो रखी है। वहीं ऊर्जा निगम ने शुक्रवार तक आपूर्ति बहाली का दावा किया है7
तीन दिन पहले हुई भारी बर्फबारी के कारण गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे जगह-जगह यातायात लिए बाधित हो गए थे। यमुनोत्री हाईवे बीते बुधवार को राड़ी टॉप सहित बर्फबारी वाले स्थानों पर आवाजाही के लिए खुल गया था जबकि गंगोत्री हाईवे पर सुक्की टॉप से आगे बर्फ जमी होने से आवाजाही बंद पड़ी थी।
बृहस्पतिवार को बीआरओ की मशीनरी ने दिनभर की कड़ी मशक्कत के बाद हाईवे को गंगोत्री धाम तक यातायात के लिए सुचारू किया। मार्ग पर किनारों पर पाला जमने से आवाजाही जोखिमभरी बनी हुई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया कि सुक्की टॉप से आगे गंगोत्री मार्ग पर आवाजाही जोखिम भरी है। यमुनोत्री हाईवे पर भी राड़ी टॉप, रानाचट्टी, फूलचट्टी आदि स्थानों पर फिसलन बरकरार है। लंबगांव-चौरंगीखाल और मसूरी सुवाखोली मार्ग भी यातायात के लिए सुचारू हैं।
वहीं धराली से गंगोत्री तक बाधित पड़ी बिजली आपूर्ति भी शाम तक बहाल कर दी गई है। हालांकि मोरी विकासखंड के नैटवाड़ क्षेत्र में दस गांवों की बिजली आपूर्ति अभी भी बाधित बनी हुई है। ऊर्जा निगम ने देर शाम तक आपूर्ति बहाल करने का दावा किया था लेकिन अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार तक इन गांवों में पूरी तरह से आपूर्ति सुचारू हो जाएगी। बिजली आपूर्ति बाधित रहने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।