मलबा और बोल्डर गिरने से हेलगुगाड व सुगनर में हुई दिक्कत
यमुनोत्री हाईवे पर जोखिमभरी बनी हुई है आवाजाही
उत्तरकाशी। सोमवार दोपहर बाद गंगोत्री हाईवे पर कैप्टन ब्रिज सहित हेलगुगाड और सुगनर के पास बोल्डर और मलबा आने के कारण सड़क पर आवाजाही बंद हो गई थी। हालांकि शाम करीब पांच बजे हाईवे पर आवाजाही सुचारू हो गई है। वहीं यमुनोत्री हाईवे पर सिलाई बैंड के पास आवाजाही जोखिमभरी बनी हुई है।
सोमवार दोपहर बाद हल्की बारिश के बीच गंगोत्री हाईवे पर तीन स्थानों पर पहाड़ी से भारी भूस्खलन देखने को मिला। इस दौरान कैप्टन ब्रिज सहित हेलगुगाड और सुगनर में बोल्डर व मलबा आने के कारण हाईवे पर आवाजाही बंद हो गई थी। इससे गंगनानी सहित भटवाड़ी के आसपास सैकड़ों कांवड़ यात्री फंस गए थे। हालांकि शाम करीब पांच बजे आवाजाही सुचारू हो गई है।
वहीं यमुनोत्री हाईवे पर सिलाई बैंड के पास बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई है लेकिन पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिरने से आवाजाही जोखिमभरी बनी है। ब्लॉक प्रमुख सरोज पंवार, यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल, तीर्थ पुरोहित मनमोहन उनियाल समेत स्थानीय लोगों ने कहा कि सिलाई बैंड पर चट्टानी मलबा और पत्थर गिरने की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। अस्थायी तौर पर सड़क दुरुस्त कर यातायात तो बहाल कर दिया जाता है लेकिन स्थायी समाधान नहीं होने से किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
राजमार्ग निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता मनोज रावत और निर्माण कार्य एजेंसी के पीएम गोपाली श्रीनिवासुलू रेड्डी ने बताया कि सिलाई बैंड टॉप पर विशेषज्ञ मजदूरों की टीम भेजी गई थी। टीम ने कुछ मलबा और पत्थर साफ कर दिए हैं। शेष मलबा व पत्थरों को हटाने के साथ स्थायी समाधान के लिए प्रयास किए जाएंगे।