ऊर्जा निगम ने गंगोत्री धाम को ग्रिड की बिजली से रोशन करने की तैयारी शुरू कर दी है। आजकल मुखबा से भैरोंघाटी के बीच 11 केवीए की लाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है। साथ ही निगम ने एनटीपीसी के डबराणी सब स्टेशन को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा है।
रुद्रगैरा पर बनी उरेडा की डेढ़ सौ किलोवाट की परियोजना गंगोत्री धाम को रोशन करने में नाकाम रहने पर लंबे समय से धाम को ग्रिड की लाइन से जोड़ने की मांग की जा रही थी।
हर साल लाखों की संख्या में तीर्थयात्री गंगोत्री धाम की यात्रा पर आते हैं, लेकिन धाम में रात होते ही अंधेरा पसरने की स्थिति में यात्री यहां रात में रुकने से परहेज करते हैं।
अभी तक यहां रुद्रगैरा पर बनी डेढ़ सौ किलोवाट की परियोजना से ही आपूर्ति की जा रही है। लेकिन यह परियोजना धाम की बिजली जरूरत पूरी कर पा रही है। ऐसे में तीर्थ पुरोहित तथा यात्रा कारोबारी वर्षों से गंगोत्री धाम को ग्रिड की बिजली से जोड़ने की मांग कर रहे थे।
अब ऊर्जा निगम ने इस दिशा में कार्रवाई तेज कर दी है। आजकल मुखबा से भैरोंघाटी तक 98 लाख रुपये लागत से 15 किमी लंबी 11 केवीए की लाइन बिछाई जा रही है।
इसके आगे गंगोत्री तक आठ किमी लाइन का प्रस्ताव भी शासन को गया है। साथ ही डबराणी में उपयोग में नहीं आ रहे एनटीपीसी के 33 केवीए सबस्टेशन को भी ऊर्जा निगम को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। सब ठीक रहा तो अगले साल तक ग्रिड की बिजली गंगोत्री धाम तक पहुंचने की उम्मीद है।
कोट...
उरेडा की परियोजना से गंगोत्री धाम की बिजली जरूरत पूरी नहीं हो पा रही। यह परियोजना अक्सर खराब रहती है। ऊर्जा निगम की ओर से गंगोत्री तक ग्रिड की लाइट पहुंचाने के प्रयास सराहनीय हैं। इसमें आ रही अड़चनों को शीघ्र दूर कर शीघ्र गंगोत्री धाम तक विद्युत आपूर्ति सुचारु करने की जरूरत है।
सुरेश सेमवाल, सचिव गंगोत्री मंदिर समिति।
कोट..
गंगोत्री तक ग्रिड की बिजली पहुंचाने के लिए प्रथम चरण में मुखबा से भैरोंघाटी के बीच 11 केवीए की लाइन बिछाई जा रही है। भैरोंघाटी से गंगोत्री तक लाइन का प्रस्ताव भी मुख्यालय भेजा गया है। चालू वित्तीय वर्ष में इस लाइन को चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। डबराणी सब स्टेशन के हस्तांतरण के अलावा झाला में नए सब स्टेशन का निर्माण भी प्रस्तावित है।
आरएल रतूड़ी, एसडीओ ऊर्जा निगम उत्तरकाशी।