जिला पंचायत में हुई अनियमितताओं की जांच के लिए गठित एसआईटी की चार अलग टीमें गठित की गई हैं। एसआईटी ने पूरे प्रकरण के लिए एसपी सीआईडी देहरादून लोकजीत सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। वहीं एसआईटी ने जिला पंचायत प्रशासन को पिछले दो वर्षों में किए गए कार्यों की सूची उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
बुुधवार को जिला मुख्यालय में डीआईजी सीबीसीआईडी एनएस नपलच्याल के नेतृत्व में एसआईटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जांच को लेकर चर्चा की गई। डीआईजी नपलच्याल ने बताया कि एसआईटी को चार अलग-अलग टीमों में बांटा गया है, जो स्थलीय निरीक्षण भी करेंगी। निरीक्षण के लिए विशेषज्ञ के तौर पर अभियंताओं की भी आवश्यकता है। इसके लिए शासन को लिखा गया है। जिलाधिकारी के माध्यम से एसआईटी की टीमों को अभियंता भी उपलब्ध कराए जाएंगे। नपलच्याल ने बताया कि एसपी सीआईडी देहरादून लोकजीत सिंह को जांच अधिकारी व सीओ बड़कोट सुरेंद्र भंडारी को सहायक जांच अधिकारी बनाया गया है। जिला पंचायत प्रशासन से पिछले दो वर्षो में हुए कार्यों की सूची मांगी गई है। जिला पंचायत प्रशासन ने इस दौरान 700 से 800 कार्य किए जाने की बात कही है। जिला पंचायत की ओर से उपलब्ध सूची को वैरिफिकेशन के लिए टीमों को आवंटित किया जाएगा। नपलच्याल ने कहा कि जांच में पूरी निष्पक्षता बरती जाएगी। मामले के प्रत्येक पहलू पर गंभीरता से जांच की जाएगी।
होली के बाद उत्तरकाशी में कैंप करेंगे जांच अधिकारी
डीआईजी एनएस नपलच्याल ने बताया कि होली के अवकाश के बाद जांच अधिकारी लोकजीत सिंह उत्तरकाशी में ही कैंप करेंगे। प्रयास रहेगा कि 3 से 4 माह में जांच पूरी हो जाए।
जंबो टीम है एसआईटी की
जिला पंचायत उत्तरकाशी में हुई अनियमितताओं केे लिए गठित एसआईटी की जंबो टीम बनाई गई है। सीबीसीआईडी के डीआईजी एनएस नपलच्याल टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। इसके अलावा टीम में एसपी उत्तरकाशी, एसपी सीबीसीआईडी लोकजीत सिंह, सीओ बड़कोट सुरेंद्र सिंह भंडारी सहित चार एसआई व 8 कांस्टेबल शामिल हैं। जबकि एसआईटी टीम को आवश्यकता पड़ने पर और बढ़ाया जाएगा। जांच के दौरान तकनीकी पक्ष के लिए एकाउंटेंट व ऑडिटर भी टीम में शामिल किए जाएंगे। अभी एसआईटी टीम प्राथमिक स्तर पर गठित की गई है।
यह था मामला
उत्तरकाशी। जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं, जिनकी जांच पूर्व में जिलाधिकारी स्तर से भी की गई है। बीते जनवरी माह में शासन ने जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण को पद से हटा दिया था। हालांकि जिला पंचायत अध्यक्ष बिजल्वाण ने इसे बदले की कार्यवाही बताया था। शासन के इस निर्णय के खिलाफ जिला पंचायत अध्यक्ष बिजल्वाण सुप्रीम कोर्ट गए थे। जहां से उन्हें हल्की राहत मिली थी। वहीं शासन ने अनियमितताओं की जांच के लिए डीआईजी एनएस नपलच्याल के नेतृत्व में एसआईटी गठित की थी।