राइंका पुजारगांव को सरकार ने पांच साल पहले इंटरमीडिएट का दर्जा तो दिया, लेकिन अभी तक प्रवक्ताओं की नियुक्ति तो दूर पदों का सृजन तक नहीं हो पाया।
शुक्रवार को गुस्साए अभिभावक डीएम से मिले।
अभिभावकों ने बताया कि सरकार ने हाईस्कूल पुजारगांव को वर्ष 2011 में इंटरमीडिएट का दर्जा दिया था। उसी साल से यहां कक्षाओं का संचालन शुरू हो गया था। पांच साल बाद भी प्रवक्ताओं के पदों का सृजन नहीं हो पाया। उन्होंने बताया कि विधायक ने 15 दिनों तक स्कूल में प्रवक्ताओं की नियुक्ति का आश्वसान दिया है। यदि तय समय तक शिक्षकों की तैनाती नहीं होती तो अभिभावक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
डीएम को मिलने वालों में प्रधान ज्योतिराम सेमवाल, विक्रम सिह, गीतराम सेमवाल, हरि प्रसाद, राजेशलाल, हरीशचंद्र नौटियाल, पातीराम, सुरेश कुमार, हरीशचंद्र नौटियाल, मुन्नी देवी और सोना देवी आदि रहे।