नोटबंदी को लेकर अब भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। अधिकांश एटीएम बंद पड़े हैं, जबकि बैंकों में पर्याप्त कैश नहीं है। सबसे अधिक परेशानी शादी वाले परिवारों को झेलनी पड़ रही है, क्योंकि आरबीआई की शर्तों ने इनकी कमर तोड़ दी है। यहां कोई भी शादी वाला परिवार ये शर्तें पूरी नहीं कर पा रहा है।
दूर दराज ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी खराब बनी है। जिले के नौगांव, बड़कोट, पुरोला, चिन्यालीसौड़ जैसे जगहों पर तमाम बैंकों में अभी भी भारी भीड़ लग रही है। एक-आध को छोड़कर सभी एटीएम बंद पड़े हुए हैं। ग्रामीण इलाकों में शादी वाले परिवारों को ढाई लाख रुपए नकद देने के आरबीआई की सात शर्तें कोई भी पूरी नहीं कर पा रहा।
भारतीय रिजर्व बैंक की शर्त है कि बैंक से जो कैश निकाला जाएगा उसमें इस बात का बैंक को प्रमाण देना होगा कि जिन लोगों को ये पैसा दिया जाना है उनके बैंक एकाउंट नहीं है। इतना ही नहीं शादी से जुड़े खर्चों में बैंक को एडवांस पेमेंट की रसीद भी देनी होगी तभी जाकर नकद धनराशि शादी वाले परिवार को मिलेगी।
ऐसे में शादी वाले परिवार असमंजस की स्थिति में है, कि बेटी की शादी कैसे की जाए। एडवांस पेमेंट की रसीद कहां से लाएं। दुकानदारों को नकद ही भुगतान करना पड़ता है क्योंकि शादी का सामान एक दुकान से नहीं बल्कि कई दुकानों से खरीदना पड़ता है।
बेटी की शादी के लिए कहां से लाऊं कैश-
पुरोला के ग्राम पंचायत कंडियाल बसंत नगर निवासी चमन सिंह का कहना है कि वह मजदूरी का कार्य करता है। 2 व 3 दिसंबर को उसकी बेटी की शादी है। उसने मजदूरी के पैसों से थोड़ा-थोड़ा बचाकर करीब एक लाख बीस हजार रुपये एसबीआई में अपनी पत्नी के नाम पर जमा किए थे, लेकिन बैंक के कई चक्कर लगाने पर उसे आरबीआई की शर्तें पूरी करने को कहा जा रहा है और स्थिति यह है कि उसे ये सब शर्तें समझ नहीं आ रही।
आरबीआई की गाइड लाइन के अनुसार ही कार्य किया जा रहा है। हम इससे बाहर नहीं जा सकते।
अनिल कुमार, शाखा प्रबंधक, एसबीआई पुरोला।