यहां घास के लिए जंगल गई महिला पर भालू ने हमला बोल दिया। साहस दिखाते हुए 55 साल की महिला भी भालू से भिड़ गई। उसने घास काटने वाली दरांती से ही भालू पर कई वार किए, तो भालू भाग खड़ा हुआ। हमले में महिला को गंभीर चोटें आई हैं। डाक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे देहरादून रेफर कर दिया है।
घटना बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे की है जब भटवाड़ी ब्लॉक में पड़ते गांव सिमोणी तोक की जमुना देवी घास के लिए जंगल जा रही थी। ग्रामीण मनीष सिंह राणा ने बताया कि गांव से 500 मीटर दूर जंगल के रास्ते में भालू ने जमुना देवी पर हमला कर दिया। महिला ने साहस दिखाते हुए घास काटने वाली दरांती से भालू पर कई वार किए। गांव की तरफ भागते हुए जमुना देवी ने मदद के लिए ग्रामीणों को बुलाया।
गांव के मनीष सिंह राणा और दलबीर सिंह गुसांई मदद के लिए जमुना देवी के पास पहुंचे। इसके बाद अन्य ग्रामीणों और परिजनों की मदद से घायल जमुना देवी को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने जमुना देवी की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें देहरादून रेफर कर दिया। भालू के हमले में जमुना देवी के चेहरे और सिर पर गहरे घाव के निशान आए हैं। जमुना देवी विधवा महिला है और उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
ग्रामीण मनीष सिंह और दलबीर सिंह ने बताया कि वन विभाग को भालू के हमले की सूचना दी गई है। इसके बाद विभाग के कर्मचारी जिला अस्पताल में पहुंचे थे। घायल महिला के पुत्र नितीश सिंह और अन्य ग्रामीणों ने वन विभाग से मुआवजे की मांग की हैं। बाड़ाहाट रेंज के रेंजर बलवीर सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से घायल को हर संभव मदद दी जायेगी। साथ ही ग्रामीणों से अपील की गई है कि घास व लकड़ी लेने के लिए अकेले न जाकर बल्कि समूह के रूप में जाएं।