अधर में लटके लाटा मोटर पुल निर्माण की मांग को लेकर बीते साल गंगोत्री हाईवे पर जाम लगाने के मामले में गंगोत्री के पूर्व विधायक गोपाल रावत, भटवाड़ी के ब्लाक प्रमुख चंदन पंवार एवं नाल्ड कठूड़ की जिला पंचायत सदस्य मंगला राणा समेत आठ लोगों को जेल भेज दिया गया।
वर्ष 2009 में क्षेत्र को गंगोत्री हाईवे से जोड़ने के लिए लाटा में भागीरथी नदी पर मोटर पुल का निर्माण शुरू हुआ। इस दौरान विभाग से करीब साढ़े चार करोड़ रुपये भुगतान लेने के बाद भी ठेकेदार ने सिर्फ एबटमेंट ही तैयार किए और पुल की निर्माण सामग्री अगस्त 2012 की भागीरथी की बाढ़ में बहना दिखाया।
मामले में लोनिवि के कुछ अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई भी हुई, लेकिन पुल का निर्माण नहीं होने से गुस्साए ग्रामीणों ने बीते साल पूर्व चेतावनी के साथ 27 मई को लाटा में गंगोत्री हाईवे पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया था। तब गंगोत्री विधायक विजयपाल सजवाण की मौजूदगी में एसडीएम भटवाड़ी और लोनिवि के ईई की ओर से शीघ्र पुल निर्माण का लिखित आश्वासन दिए जाने पर जाम खुल पाया था।
इस बीच हाईवे जाम करने के मामले में गंगोत्री के पूर्व विधायक गोपाल रावत, भटवाड़ी के ब्लाक प्रमुख चंदन पंवार, जिला पंचायत सदस्य मंगला राणा, लाटा के क्षेत्र पंचायत सदस्य अरविंद नेगी, सालू के प्रधान दिनेश रावत, सारी के पूर्व प्रधान हरिओम सिंह, लोकेंद्र रावत एवं मनमोहन राणा समेत 21 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। अन्य लोगों ने तो जमानत दे दी गई, लेकिन आठ लोगों की ओर से जमानत से इंकार करने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उन्हें सात मई तक न्यायिक हिरासत में नई टिहरी जेल भेजने के आदेश दिए।
दमनकारी नीति के खिलाफ करेंगे आंदोलन
जेल गए गंगोत्री के पूर्व विधायक गोपाल रावत ने कहा कि उन्होंने हमेशा जनता के हितों के लिए आंदोलन किया है। इसके लिए उन्हें जेल जाने से भी गुरेज नहीं है। कांग्रेस ने हमेशा जनहित के मुद्दे उठाने वालों का दमन किया है। पूर्व में भी न्यायोचित मांग करने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए गए। इस दमनकारी नीति के खिलाफ जनांदोलन किया जाएगा।