बिना लाइसेंस के बाइक चलाते पकड़े गए दो युवकों का चालान करने के बजाय उन्हें रोड सुरक्षा की डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई। इतना ही नहीं एआरटीओ ने उनके लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया भी शुुुरू करवाई। जब एक युवक ने लाइसेंस शुल्क के लिए पैसे न होने की बात कही तो एआरटीओ ने शुल्क भी अपनी जेब से भर दिया।
सोमवार को एआरटीओ प्रवर्तन जितेंद्र चंद अपनी टीम के साथ नियमित चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार दो युवकों को रोका गया। युवकों से लाइसेंस मांगने पर उन्होंने लाइसेंस न होने की बात कही। परिवहन विभाग की टीम दोनों युवकों को कार्यालय ले आई और सड़क सुरक्षा पर बनाई गई डाक्यूमेंट्री दिखाई। एआरटीओ प्रवर्तन ने बाद में इन युवकों को लाइसेंस बनाने को कहा। युवकों से आवेदन पत्र भराए गए। एक युवक ने आवेदन के लिए शुल्क न होने की बात कही तो एआरटीओ जितेंद्र ने स्वयं की जेब से ही शुल्क जमा कर दिया। उनका कहना है कि लाइसेंस के लिए आवेदन कराया गया है। संवाद