चार माह से वेतन नहीं मिलने पर पीपीपी मोड पर संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ ने बृहस्पतिवार को ओपीडी का बहिष्कार कर बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी। गुस्साए स्वास्थ्य कर्मियों ने वेतन मिलने तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दी।
अस्पताल में तैनात चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ का आरोप है कि पीपीपी मोड पर अस्पताल का संचालन कर रही राजभरा मेडिकेयर कंपनी ने उन्हें चार माह से वेतन नहीं दिया है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने ने चेतावनी दी कि जब तक वेतन नहीं मिलता है, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। हड़ताल के चलते मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
तीस किमी दूर चोपड़ा गांव की गर्भवती पिंगला देवी को उसके परिजन सीएचसी में प्रसव करवाने ले गए थे। बृहस्पतिवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल की बात कहकर अस्पताल कर्मियों ने उसे देहरादून रेफर कर दिया है।
इसके अलावा हड़ताल के कारण कई मरीज बैरंग लौटे। इस मौके पर अस्पताल प्रशासक मंत्री यादव, डा. दिलीप, डा. रोशन आदि मौजूद थे।
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ओपीडी तथा इमरजेंसी सेवाओं को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा, जिसके लिए व्यवस्थाएं जुटाई जा चुकी है।
डा. रफी, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक नौगांव।
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सरकार ने चार माह से कंपनी के बिल स्पष्ट नहीं किए हैं, जिससे कर्मचारियों का मानदेय देना मुश्किल हो गया है।
रजनीश कश्यप, एमडी राजभरा मेडिकेयर।