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कालेज प्रबंधन व शिक्षकों में विवाद, पहुंचा प्रशासन

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जिला मुख्यालय का प्रतिष्ठित गोस्वामी गणेश दत्त सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज के संचालन को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। कालेज प्रबंधन और शिक्षकों के बीच मामले को लेकर सहमति न बनने से बृहस्पतिवार को विवाद बढ़ गया, जिसके चलते एसडीएम एवं पुलिस को मौके पर पहुंचकर दखल देना पड़ा। ऐसे में विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
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विद्या भारती के तहत संचालित गोस्वामी गणेश दत्त सरस्वती विद्या मंदिर से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने बोर्ड परीक्षा में राज्य की मेरिट सूची में स्थान बनाया है। कुछ वर्ष पूर्व प्रबंध समिति ने विद्यालय को विद्या भारती से अलग कर इसका संचालन अपने हाथों में ले लिया। अब बीते साल नई प्रबंध समिति के गठन के बाद से ही विद्यालय के शिक्षकों के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई है। शिक्षकों का कहना है कि प्रबंध समिति इस विद्यालय को पुन: विद्या भारती के सुपुर्द करने की तैयारी कर रही है। इसका विरोध करते हुए शिक्षक विद्यालय को अशासकीय विद्यालय की मान्यता दिलाने की मांग कर रहे हैं। जबकि प्रबंध समिति का कहना है कि विद्यालय में वित्तीय अनियमितताओं एवं अन्य गड़बड़ियों की शिकायत पर एक समिति गठित कर इसकी जांच करायी जा रही है, जिसके लिए प्रधानाचार्य को दो माह का सवैतनिक अवकाश देकर यहां कार्यकारी प्रधानाचार्य तैनात किया गया है। शुक्रवार को जब कार्यकारी प्रधानाचार्य कार्यभार ग्रहण करने पहुंचे तो विद्यालय के शिक्षकों ने विरोध शुरू कर दिया। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुशील शर्मा, यतेंद्र बिष्ट, विजयप्रकाश भट्ट, उमराव सिंह, महेश गौड़, दिनेश रावत, मुकेश भट्ट, द्वारिका अवस्थी, युद्धवीर चौहान, सुरेश मिश्रा आदि शिक्षकों ने प्रबंध समिति द्वारा जबरन विद्यालय को विद्या भारती के सुपुर्द करने और यहां वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षकों को हटाने की साजिश का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। इस दौरान प्रबंधन समिति के सह प्रबंधक हरीश सेमवाल, उपाध्यक्ष विद्यादत्त रतूड़ी, हरीश डंगवाल, विजय संतरी, जयवीर चौहान आदि ने शिक्षकों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने कार्यकारी प्रधानाचार्य को कार्यभार नहीं सौंपा। विवाद बढ़ने पर एसडीएम भटवाड़ी एवं पुलिस को मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा। विद्यालय के सह प्रबंधक हरीश सेमवाल ने कहा कि नई प्रबंध समिति के गठन के बाद से विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं शिक्षक सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिससे विद्यालय की व्यवस्थाएं गड़बड़ा रही हैं। इसके लिए नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
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